जयपुर के जवाहर कला केंद्र के रंगायन में राजस्थान नेत्रहीन कल्याण संघ की ओर से एक अद्भुत नाटक का मंचन किया गया। सोमवार शाम को आयोजित इस कार्यक्रम में नेत्रहीन छात्रों ने जलियांवाला बाग नरसंहार की दर्दनाक घटना को मंच पर जीवंत किया। सूरज प्रकाश द्वारा लिखित और अशोक बांठिया व कुलविंदर बख्शीश सिंह द्वारा निर्देशित इस नाटक में 1919 के भयावह नरसंहार को इतनी मार्मिकता से प्रस्तुत किया गया कि दर्शकों के रोंगटे खड़े हो गए। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से हुई। शाम का विशेष आकर्षण शहीद भगत सिंह के परिवार की सदस्य चरण कौर की उपस्थिति रही, जिन्हें उनकी विरासत के लिए सम्मानित किया गया। दृष्टिबाधित होने के बावजूद, छात्रों ने अद्भुत अभिनय कौशल का प्रदर्शन किया। “चलो जलियांवाला बाग चलो” जैसे प्रेरक संवादों ने पूरे सभागार को देशभक्ति की भावना से भर दिया। कार्यक्रम में जे.एन.भार्गव (सचिव), डॉ. पीसी जैन (अध्यक्ष), सुभाष पारीक (कोषाध्यक्ष) और प्रिंसिपल धर्मराज गुर्जर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। एक महीने की कड़ी मेहनत और रिहर्सल के बाद तैयार हुआ यह नाटक न केवल इतिहास को याद करने का माध्यम बना, बल्कि यह स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि भी थी। निर्देशकों ने इन प्रतिभाशाली बच्चों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके अथक प्रयास से ही यह भव्य प्रस्तुति संभव हो सकी।


