करौली जिले के बीजलपुर गांव में एक पिता ने अपनी बेटी की शादी में अनोखी मिसाल पेश की है। राजू लाल मीणा ने अपनी बेटी शिमला की विदाई के समय बारातियों को रुपए और अन्य सामान की जगह पौधे गिफ्ट किए। यह अनूठी पहल शिमला के बचपन से पेड़-पौधों के प्रति विशेष लगाव को देखते हुए की गई। केंद्रीय विद्यालय गंगापुर में एलडीसी के पद पर कार्यरत दुल्हन के भाई मानसिंह मीणा ने बताया कि यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लिया गया। इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि बामनवास गांव से आए सभी बारातियों ने भी पौधों को अपने घर के आंगन और खेतों में लगाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शिमला के भाई धर्म सिंह मीणा, महेंद्र कुमार जाटव सहित अन्य परिजन और ग्रामीण मौजूद रहे। यह पहल न केवल फिजूलखर्ची को रोकने में सहायक साबित हुई, बल्कि इसने समाज में पर्यावरण संरक्षण का एक सकारात्मक संदेश भी दिया। दुल्हन पक्ष ने बारातियों को दर्जनों प्रकार के पौधे उपहार स्वरूप देकर एक नई परंपरा की शुरुआत की है।


