उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार को नर्मदा जयंती का भव्य आयोजन किया गया। मंदिर परिसर स्थित कोटितीर्थ कुंड पर माता नर्मदा की आकर्षक झांकी सजाई गई और सायंकाल गोधूलि वेला में विशेष पूजन-अर्चन का आयोजन किया गया। मंदिर के पुजारी पंडित बाला गुरु के अनुसार, पिछले 25 वर्षों से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। कोटितीर्थ कुंड की विशेषता है कि यहां प्रमुख कोटि तीर्थों का वास माना जाता है, जिनमें माता नर्मदा भी शामिल हैं। शाम 7 बजे 11 ब्राह्मणों द्वारा लघुरुद्र पाठ के साथ माता नर्मदा का पंचामृत अभिषेक किया गया। कुंड की सीढ़ियों पर 1100 दीपकों की भव्य दीपमालिका सजाई गई, जो अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रही थी। कार्यक्रम में महापौर मुकेश टटवाल, विधायक अनिल जैन, पार्षद रजत मेहता सहित मंदिर प्रशासन के अधिकारी और पुजारी-पुरोहित परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। पूजन-अर्चन के बाद भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया। इसी अवसर पर रामघाट पर भी विशेष आयोजन हुआ, जहां मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के तट पर संध्या समय में माता शिप्रा-नर्मदा का दूध से अभिषेक कर चुनरी अर्पित की गई और भव्य आरती की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। तस्वीरों में देखिए नर्मदा जयंती का आयोजन


