झाड़ला|झाड़ला और आसपास के क्षेत्रों में बीती रात मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। तेज अंधड़ के साथ हुई बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं, चना, मसूर और रायड़ा की फसलें जमीन पर बिछ गई हैं। अचानक हुए इस मौसम परिवर्तन से उपज में भारी कमी आने की आशंका जताई जा रही है। बारिश और हवा के दबाव से फसलें खेत में ही लेट गई हैं, जिससे दाना पूरी तरह पक नहीं सकेगा। किसान सुरेश मीणा और धीरज मीणा ने बताया कि उनके खेतों में गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। किसानों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी क्षति होने के बावजूद अब तक राजस्व विभाग का कोई भी अधिकारी मौका मुआयना करने या फसलों का जायजा लेने नहीं पहुंचा है। आर्थिक संकट का डर फसल गिरने के कारण अब उसकी कटाई में भी समस्या आएगी और उत्पादन की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द ही सर्वे कराकर उचित मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिल सके।


