सिटी रिपोर्टर | बोकारो पॉक्सो स्पेशल देवेश कुमार त्रिपाठी की अदालत ने बुधवार को गोमिया थाना कांड संख्या 85/24, पॉक्सो केस नंबर 16/25 पर सुनवाई की। इसमें पोक्सो की कठोर धारा 22 के तहत झूठा केस दर्ज कराने पर सख्त रुख अपनाते हुए न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया। उन्होंने कोर्ट को आदेश दिया कि कांड के सूचक गोमिया निवासी अजय कुमार नायक के खिलाफ सीजीएम कोर्ट में केस दर्ज कराएं, ताकि बच्चों को यौन शोषण से बचाने के मकसद से बने पॉक्सो एक्ट के दुरुपयोग को रोका जा सके। यह जानकारी विशेष लोक अभियोजक रवि शंकर चौधरी ने दी। उन्होंने बताया कि अजय नायक ने 20 अगस्त 2024 में 70 वर्षीय पड़ोसी उमा शंकर नायक के खिलाफ पॉक्सो की धारा 22 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। कहा था कि घटना की शाम आरोपी ने उनकी 15 वर्षीय पुत्री को घर लौटने के दौरान अपने दुकान में बुलाया और छेड़खानी किया। इस पर उससे पूछताछ किया तो उल्टे गाली-गलौज किया गया। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों व गवाहों को सुनने के बाद मामले को गलत पाया। बताया गया कि आपसी रंजिश के तहत अपनी नाबालिग बेटी को ढाल बनाकर उक्त झूठा केस करवाया गया। इससे न्यायालय का कीमती समय बर्बाद हुआ। न्यायालय ने बुजुर्ग आरोपी को बरी किया, वहीं सूचक के खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया।


