त्याग, संतोष और विश्वास ही जीवन का मुख्य आधार: राकेश

भास्कर न्यूज | पटना ग्राम पंचायत छिंदिया में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ निरंतर जारी है। कथावाचक राकेश शुक्ला ने सुदामा चरित्र का भावपूर्ण, मार्मिक और प्रेरणादायक वर्णन प्रस्तुत किया। सुदामा और भगवान श्रीकृष्ण की निष्काम मित्रता, त्याग और सच्ची भक्ति के प्रसंग सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा स्थल पर भक्ति रस से सराबोर वातावरण देखने को मिला। कथावाचक ने बताया कि निर्धन ब्राह्मण सुदामा जब द्वारकाधीश भगवान श्रीकृष्ण से मिलने पहुंचे, तब उनके पास भेंट स्वरूप देने के लिए कुछ भी नहीं था। इसके बावजूद भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें हृदय से लगाकर सच्ची मित्रता और करुणा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। इस प्रसंग के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि ईश्वर को धन, वैभव या दिखावे की नहीं, बल्कि निष्कलंक मन और सच्ची भक्ति की आवश्यकता होती है। सुदामा चरित्र के माध्यम से अहंकार त्याग, संतोष, विश्वास और सच्ची मित्रता के महत्व को सरल शब्दों में समझाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रनई के योगेश शुक्ला ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा समाज को नैतिक मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष वेदांती तिवारी और विनोद शर्मा ने आयोजन की सराहना की। आयोजन को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष जयराम कुशवाहा, सरपंच हेमलता सिंह, उपसरपंच अंजू जायसवाल सहित अनेक ग्रामीणों का योगदान रहा।

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