ऑनलाइन डीएल बना मुसीबत, लोग एक माह से दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर

भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब सरकार द्वारा आरटीए (रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) विभाग की सभी सेवाओं को ऑनलाइन करने और सेवा केंद्रों में लागू करने का दावा अब आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनता नजर आ रहा है। लुधियाना में एक हजार से अधिक लोगों ने घर बैठे ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस या लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया और 520 की सरकारी फीस भी ऑनलाइन जमा करवाई, लेकिन अब न तो उनकी सुनवाई सेवा केंद्रों में हो रही है और न ही आरटीए विभाग में। दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं। पीड़ित आवेदक बिक्रमजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने दिसंबर में लर्निंग लाइसेंस के लिए खुद ऑनलाइन आवेदन किया था और पूरी फीस भी जमा की, लेकिन जब वह सेवा केंद्र पहुंचे तो वहां उन्हें जवाब मिला कि ऑनलाइन आवेदन उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है और आरटीए विभाग से संपर्क करें। वहीं, आरटीए कार्यालय में कर्मचारियों ने उन्हें सेवा केंद्र भेज दिया। पिछले एक महीने से वे लगातार दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई स्पष्ट समाधान नहीं मिल रहा। इसी तरह अर्चना सिंह ने भी बताया कि उन्होंने ऑनलाइन लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें भी कोई सही जानकारी नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दे रही है, दूसरी तरफ ऑनलाइन आवेदन करने वाले लोगों को धक्के खाने पड़ रहे हैं। हजारों लोगों ने सरकारी फीस जमा कर दी है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ समय की भी बर्बादी हो रही है। उन्होंने बताया कि एक कर्मचारी ने तो यह तक कह दिया कि दोबारा सेवा केंद्र में जाकर फीस जमा करनी पड़ेगी। पब्लिक कैंप मोड सिलेक्ट कर रही जो गलत है इस मामले में एआरटीए दीपक ठाकुर ने बताया कि सेवा केंद्रों के माध्यम से ही ये सेवा उपलब्ध थी, लेकिन कई लोगों ने अपने घर से ही ऑनलाइन फीस जमा कर दी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन जमा की गई फीस की फाइल आरटीए विभाग की साइड पर खुलती ही नहीं है, जिससे उसे अप्रूव करना संभव नहीं है। इसका समाधान केवल पंजाब सरकार ही निकाल सकती है, अन्यथा लोगों को दोबारा सेवा केंद्र में जाकर फीस जमा करनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि ऑनलइन फॉर्म भरते समय दो ऑप्शन आते हैं एक कैंप मोड और दूसरा आरटीए। पब्लिक कैंप मोड सिलेक्ट कर रही है जो गलत है जिस वजह से यह समस्या आ रही है। डीएल केवल सेवा केंद्रों में ही अप्लाई करें- वहीं, सेवा केंद्र प्रतिनिधि मुकुल ने बताया कि सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी है कि ड्राइविंग लाइसेंस केवल सेवा केंद्रों में ही अप्लाई किए जा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन पर उनका कोई अधिकार नहीं है। सरकार ने जिन लोगों से ऑनलाइन फीस ली है, उनके नामों की सूची सेवा केंद्रों को देकर लाइसेंस जारी करवाने चाहिए। ऑनलाइन आवेदन में सेवा केंद्र की फीस शामिल नहीं होती, इसलिए वहां के कर्मचारी ऐसी फाइलों को नहीं उठाते, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। पंजाब सरकार को या तो जनता की जमा फीस वापस करनी चाहिए या फिर सेवा केंद्रों के माध्यम से उन्हें पूरी सुविधा देनी चाहिए।

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