बीकानेर जिले में जिप्सम की रॉयल्टी वसूली का नया ठेका एक अप्रैल से होना है जिसके लिए निविदा जारी कर दी गई है। इस बार आरक्षित दर एक अरब 6 करोड़ 65 लाख 46 हजार 705 रुपए रखी गई है जो पिछली बार हुए रॉयल्टी ठेके की आरक्षित राशि से 40,83,68731 रुपए ज्यादा है। जिप्सम की रॉयल्टी वसूली का वर्तमान ठेका 24 अक्टूबर, 24 को 75,01,48860 रुपए वार्षिक में दो साल के लिए हुआ था जिसकी अवधि 31 मार्च को खत्म हो जाएगी। एक अप्रैल से नया ठेका होना है जिसके लिए खान एवं भूविज्ञान विभाग ने निविदा जारी कर दी है। पिछली बार रॉयल्टी ठेके की आरक्षित दर 65,81,77974 रुपए रखी गई थी जो इस बार 40,83,68731 रुपए बढ़ाकर एक अरब 6 करोड़ 65 लाख 46 हजार 705 रुपए कर दी गई है। रॉयल्टी ठेके की आरक्षित दर तय करने के तीन मापदंड हैं। एक तो वर्तमान ठेका राशि में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी, दूसरा पिछले वित्तीय वर्ष में जिप्सम निर्गमन और उससे प्राप्त राजस्व और तीसरा पिछले 12 माह में जिप्सम निर्गमन और उससे प्राप्त राजस्व की राशि। इन तीनों में से जो राशि ज्यादा होती है उसमें 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर खान निदेशालय को प्रस्ताव भेजे जाते हैं। बीकानेर एमई की ओर से पिछले 12 महीनों में जिप्सम का निर्गमन और उससे हासिल राजस्व की राशि सबसे ज्यादा होने पर प्रस्ताव तैयार कर भेजे गए जिसे निदेशालय ने स्वीकार निविदा जारी कर दी। बोली लगाने की तारीख 16 फरवरी तय की गई है। गौरतलब है कि जिप्सम खनन और निर्गमन करने वालों से रॉयल्टी के अलावा उसका 10 प्रतिशत डीएमएफटी, दो प्रतिशत आरएसएमईटी भी वसूला जाता है। आरक्षित दर तय करने में ऐसे की गणना 1. वर्तमान ठेका राशि – 75,01,48860 रुपए। इसमें 10 प्रतिशत 7,50,14886 रु. की बढ़ोतरी करने पर आरक्षित दर 82,51,63746 रु.। 2. पिछले वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल, 24 से 31 मार्च, 25 तक खनन पट्टों से जिप्सम का निर्गमन और प्राप्त राजस्व राशि 74093808 रु. और परमिट से प्राप्त राजस्व राशि 601758290 रु.। दोनों को मिलाकर कुल राजस्व राशि 675852090.60 रु. और इसमें 10 प्रतिशत 67585209 रु. बढ़ाने पर आरक्षित दर 74,34,37,307 रु.। 3. पिछले 12 महीने में जिप्सम के निर्गमन और उससे प्राप्त राजस्व राशि खनन पट्टों से 16654162.56 रु और परमिट से प्राप्त राजस्व राशि 952933751.30 रु.। दोनों को मिलाकर कुल प्राप्त राजस्व 969587913.80 रुपए में 10 प्रतिशत 9,69,58791 रुपए की बढ़ोतरी करने पर आरक्षित दर 1,06,65,46,705 रु. जिसके प्रस्ताव बनाकर खान निदेशालय को भेजे गए।


