टीसीएस में कार्यरत इंजीनियर युवती और उसके सास-ससुर को साइबर ठगों ने टेररिस्ट फंडिंग का डर दिखाकर चार दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और 6 लाख रुपए ठग लिए। ठगों ने युवती को करियर बर्बाद करने की धमकी देकर रकम ट्रांसफर कराई। कल्याण संपत, गांधी नगर निवासी युवती ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है।
पीड़िता के अनुसार 20 जनवरी को अज्ञात कॉल आया, जिसमें खुद को मुंबई पुलिस अधिकारी बताकर मुंबई ब्लास्ट से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में नाम आने की बात कही गई। गिरफ्तारी और घर पर टीम भेजने की धमकी दी गई। डर के कारण सास-ससुर को भी मानसिक दबाव में रखा गया। युवती के ससुर ने 1 जान-पहचान वालों से उधार लेकर रकम ट्रांसफर की।
भतीजे विजय के दोस्त विशाल तिवारी को डिजिटल अरेस्ट का शक हुआ। सूचना पर टीआई अनिल यादव टीम के साथ पहुंचे और ठगी का खुलासा हुआ। क्राइम ब्रांच ने ठगों के खाते फ्रीज कर दिए हैं। ऐसे बनाया मानसिक कैद
ठगों ने ऑफिस जाने, खाना बनाने तक का समय तय किया। मोबाइल लाउडस्पीकर पर बात करवाई जाती थी। किसी को बताने पर गिरफ्तारी की धमकी दी जाती थी। सादी वर्दी में लोगों के घर के आसपास घूमने का डर दिखाकर परिवार को पूरी तरह मानसिक रूप से नियंत्रित रखा गया।


