बीआरटीएस हटने के बाद एलआईजी से नोलखा चौराहा तक प्रस्तावित 5.5 किमी लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर आज महत्वपूर्ण बैठक है। इसमें जिला प्रशासन, नगर निगम के अधिकारी, सांसद और सभी विधायक शामिल होंगे। इस दौरान पीडब्ल्यूडी के अधिकारी पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कॉरिडोर की पूरी योजना प्रस्तुत करेंगे। यह कॉरिडोर एलआईजी चौराहा, पलासिया, गीता भवन, शिवाजी वाटिका, जीपीओ, इंदिरा गांधी प्रतिमा होते हुए नौलखा चौराहे तक जाएगा। इस कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लिया जा चुका है। लोक निर्माण विभाग ने योजना बनाकर इसकी स्वीकृति भी ले ली थी, जिसके आधार पर निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य एक गुजरात की एजेंसी को सौंपा गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि एलिवेटेड कॉरिडोर की सारी प्लानिंग हो चुकी है। जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा और मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताबिक 15 फरवरी से पहले काम शुरू कर देंगे। संबंधित एजेंसी और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से भी चर्चा हो चुकी है। दरअसल, 14 दिसंबर को ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में इंदौर विकास को लेकर हुई बैठक में एलिवेटेड कॉरिडोर का मुद्दा सामने आया था। बैठक में मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए निर्देश दिए थे कि जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर कॉरिडोर की लंबाई और स्वरूप तय किया जाए। पूर्व में स्वीकृत योजना के अनुसार यह एलिवेटेड कॉरिडोर छोटी खजरानी से नोलखा चौराहा तक बनाया जाना है। प्रस्तावित मार्ग तीन प्रमुख चौराहों- गीता भवन चौराहा, गीता भवन चौराहा और व्हाइट चर्च चौराहा-से होकर गुजरेगा। आज होने वाली बैठक में जनप्रतिनिधियों की सहमति से कॉरिडोर की लंबाई और अन्य बिंदुओं पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि किसी प्रकार के संशोधन का सुझाव आता है, तो उस पर भी इसी बैठक में चर्चा कर फैसला किया जाएगा। बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित लोक निर्माण विभाग, प्रशासन और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इंदौर उत्थान समिति ने उठाया रोटरी का मुद्दा
इंदौर उत्थान समिति ने एबी रोड पर फ्लाईओवर के बजाय रोटरी आधारित एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव दिया था। समिति ने अन्य शहरों का दौरा कर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को प्रेजेंटेशन भी दिखाया। समिति के अजित नारंग के अनुसार, एबी रोड पर 5.9 किमी क्षेत्र में लगभग 63 प्रतिशत हिस्से में फ्लाईओवर प्रस्तावित थे। ऐसे में पूरे 100 प्रतिशत हिस्से में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाकर चौराहों पर रोटरी और रैम्प (भुजाएं) उतारने से यातायात अधिक सुगम हो सकता है। अगले माह से कॉरिडोर के फाउंडेशन का काम होगा
ठेकेदार एजेंसी ने साइट पर आरएमसी प्लांट, कैंप और साइट ऑफिस स्थापित कर दिया है। फरवरी 2026 से फाउंडेशन का काम शुरू किया जाएगा। वर्तमान में इस रोड पर 9 प्रमुख इंटरसेक्शन हैं, जहां पीक ऑवर्स में ट्रैफिक दबाव 6500 पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) प्रति घंटे तक रहता है। कॉरिडोर पर तीन प्रमुख भुजाएं उतरेंगी। पहले चरण में एलआईजी से शिवाजी वाटिका के बीच काम शुरू होगा।


