कांग्रेस भवन में मंगलवार को आयोजित जनता दरबार में भांति-भांति की शिकायतें आईं। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से 56 फरियादियों ने न्याय की गुहार लगाई। अपने पति और परिवार के साथ आई फातिमा ने बताया कि गलत फोटो और वीडियो डालने की धमकी दे साइबर फ्रॉड ने उनके पति से 14 लाख रुपए ठग लिए। आज वह 14 लाख की कर्जदार बन गई हैं। पलामू, रांची, गिरिडीह, पाकुड़, लातेहार, देवघर, गुमला और हजारीबाग से आए लोगों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। जनता दरबार में कोई अबुआ आवास योजना में अधिकारियों की मनमानी से परेशान दिखा, तो कोई लंबे समय तक नौकरी करने के बाद हटाए जाने और नहर में जमीन जाने के बाद मुआवजा नहीं मिलने से भी नाराज दिखे। मंत्री ने इस दौरान अफसरों से फोन पर बात कर रिपोर्ट मांगे। जनता दरबार में दक्षिणी छोटा नागपुर और पलामू प्रमंडल से फरियादी पहुंचे थे। कृषि पशुपालन सहकारिता विभाग से जुड़े 28, भू-अर्जन से 8, स्वास्थ्य से 7, अबुआ आवास सहित अन्य कई मामले सामने आए, जिसका प्रक्रियागत समाधान किया गया। कांग्रेस नेता सोनाल शांति ने बताया कि पार्टी इस अभियान को जिला और प्रखंड स्तर तक ले जाने की योजना तैयार कर रही है। जनता दरबार में सतीश पॉल मुंजनी, सोनाल शांति, अभिलाष साहू, राजन वर्मा, नरेंद्र लाल गोपी आदि थे। अबुआ आवास योजना में अधिकारी कर रहे मनमानी: रांची के सत्यनारायण पातर मुंडा ने आरोप लगाया कि अबुआ आवास योजना में उनके साथ अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। उनके परिवार को पहले इंदिरा आवास मिला, अब उसी जमीन पर अबुआ आवास स्वीकृत कर दिया गया, जबकि उस जमीन पर योजना का हक उनका बनता है। अफसरों ने बगैर जमीन का सत्यापन किए किया। 18 साल तक काम करने के बाद हटाया गया: नामकुम निवासी ओम प्रकाश ने कहा कि वह कृषि एवं पशुपालन विभाग में काम कर रहे थे। लगातार 18 साल तक काम करने के बाद उन्हें हटाया गया। जबकि, सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि 10 साल तक काम करने के बाद किसी को हटाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया। उधर,पलामू निवासी अरुण कुमार साव ने मंत्री से कहा कि उनकी 1.30 एकड़ जमीन नहर निर्माण में चली गई। कुल 17 लाख रुपए मुआवजा होता है। पर, उन्हें आज तक मुआवजा नहीं मिला। अफसरों को तय सीमा में काम करना होगा : मंत्री जनता दरबार के बाद मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा-अफसरों को तय सीमा के अंदर काम करना होगा। कांग्रेस ने जनता के बीच रहने का जो संकल्प लिया है, उसे पूरा किया जा रहा है। बहुत सी समस्याएं ऐसी हैं, जिसमें जागरूकता की कमी है। जनता को हक व प्रक्रियाओं की जानकारी नहीं है। जनता इस दरबार के माध्यम से बहुत आशा और आसरे के साथ सरकार के सामने आ रही है। सरकार अफसरों की कार्यशैली बदल रही है। पहले अफसरों के खौफ के कारण जनता अपनी समस्याओं को लेकर उनके पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाती थी।


