बालाघाट जिले में गर्रा और वारासिवनी के वारा में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पर गर्डर लॉन्चिंग का काम चल रहा है। गर्रा में 36 मीटर लंबा गर्डर सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। वहीं, वारासिवनी के वारा में प्रदेश का सबसे बड़ा गर्डर स्थापित किया जा रहा है, जिसके चलते दो ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। वारासिवनी के वारा आरओबी पर 76 मीटर लंबा और 800 टन वजनी गर्डर लॉन्च किया जा रहा है। इस विशाल गर्डर को स्थापित करने के लिए 1600 टन क्षमता वाली मशीन का उपयोग किया जा रहा है। यह गर्डर प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे गर्डर बताया जा रहा है। गर्डर लॉन्च अधूरा, वारासिवनी मार्ग की दो ट्रेनें प्रभावित रेलवे की ओर से रात 12.25 बजे से सुबह 7.25 बजे तक दिए गए मेगा ब्लॉक के दौरान वारासिवनी में गर्डर लॉन्च का काम पूरा नहीं हो सका। इसके कारण वाया वारासिवनी होकर जाने वाली तिरोड़ी-गोंदिया और गोंदिया-तिरोड़ी ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। बालाघाट स्टेशन प्रबंधक कृष्ण मोहन चौधरी ने बताया कि तिरोड़ी से गोंदिया आने वाली ट्रेन को कटंगी में और गोंदिया से तिरोड़ी जाने वाली ट्रेन को बालाघाट में रोका गया है। काम पूरा होने के बाद ट्रेनों को आगे रवाना किया जाएगा। मार्च तक आरओबी पूर्ण, वैकल्पिक मार्गों से आवागमन रेलवे विभाग का पूरा अमला वारासिवनी के वारा में गर्डर लॉन्च करने में जुटा है। सेतु संभाग के एसडीओ अर्जुन सनोडिया ने बताया कि गर्रा बीके-9 पर गर्डर लॉन्च का काम सुबह चार बजे तक पूरा हो गया। वारासिवनी में काम प्रगति पर है और दोपहर तक इसके पूर्ण होने की संभावना है। इसके बाद स्लैब का काम शुरू होगा। उन्होंने यह भी बताया कि मार्च तक दोनों ओवरब्रिज का काम पूरा कर आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। दोनों ओवरब्रिज पर गर्डर लॉन्चिंग के कारण बीते बुधवार से ही दोपहिया वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। इन मार्गों से गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है।


