UGC-‘हिंदुओं को बांटने की कोशिश’:राष्ट्रीय करणी सेना की कानून में संसोधन की मांग, बोले, जातिगत भेदभाव देश के लिए नासूर

UGC के नए प्रावधानों का देशभर में विरोध लगातार जारी है। कोटा में आज राष्ट्रीय करणी सेना ने राष्ट्रपति के नाम संभागीय आयुक्त को ज्ञापन देकर यूजीसी कानून में संशोधन की मांग की है। करणी सेना ने कहा कि यह हिंदूओं को हिंदूओं से बांटने की कोशिश है। इस प्रावधान से जातियों के बीच भेदभाव बढ़ेगा जो देश के लिए नासूर है। राष्ट्रीय करणी सेना के कोटा संभाग अध्यक्ष व प्रदेश सचिव महिपाल सिंह हाडा ( मोंटू बना) ने कहा जातिगत भेदभाव को एकजुटता से रोका जाना चाहिए। ये काम साफ नियत से करना चाहिए, सियासी नजरिए से नहीं।
सवर्ण छात्र अगर जातिगत भेदभाव करते हैं, तो उन पर कार्रवाई हो, मगर उन्हें आपसी रंजिश में फंसा जाए तो फसाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कानून का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। नए नियमों में ओबीसी वर्ग को भी पीड़ित पक्ष में रखा गया है, तो क्या सामान्य वर्ग को पहले से ही दोषी मान लिया गया है। सरकार सामान्य वर्ग की भावनाओं को समझते हुए और संविधान की आत्मा पर प्रहार ना करते हुए ऐसा कानून बनाए। जो जातिगत भावनाओं से नहीं बल्कि समानता की भावना से प्रेरित हो। पहले हिंदू मुस्लिम में बांटा, बटोंगे तो कटोगे का नारा देने वाले अब हिंदुओं को हिंदुओं से बांटने की कोशिश कर रहे है। आज संभागीय आयुक्त को राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया है। अगर सरकार ने काला कानून वापस नहीं लिया तो आगामी 10-15 दिन में कोटा में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
ये खबर भी पढ़े-सवर्ण-समाज के लोग बोले-सरकार खाई खोदने का काम कर रही:UGC के नए नियमों का विरोध,कहा- यह कानून ब्लैकमेलिंग,उत्पीड़न व निजी दुश्मनी निकालने का साधन कोटा में विप्र फाउंडेशन के बैनर तले सवर्ण समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। सर्किट हाउस से कलेक्ट्री तक रैली निकाल कर कलेक्टर कार्यालय पर नारेबाजी की। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा 13 जनवरी को जारी किए गए नोटिफिकेशन को वापस लेने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। खबर पढ़े

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