भास्कर न्यूज । कांकेर आमाबेड़ा इलाके के बड़ेतेवड़ा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों का आरोप है कि बड़ेतेवड़ा व आमाबेड़ा में दिसंबर माह में हुए घटना के बाद से बड़ेतेवड़ा के सरपंच गांव से गायब है। सरपंच की अनुपस्थिति के चलते पंचायत के कामकाज ठप पड़े हैं। साथ ही ग्रामीणों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हद तो तब हो गई जब 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर भी सरपंच गांव नहीं आए और ग्रामीण उनका इंतजार करते रहे। हालांकि सरपंच ने इन सभी आरोपों से इंकार किया है। ग्रामीणों ने बताया ग्राम पंचायत बड़ेतेवड़ा मुख्यालय में गांव स्तर पर गणतंत्र दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसके लिए सभी ग्राम पंचायत सदस्य व ग्रामीण सुबह से पंचायत मुख्यालय पहुंच गए थे। सुबह 7 बजे ग्रामीण सरपंच रजमन सलाम का इंतजार करते रहे, लेकिन वे नहीं आए। इसके चलते उप सरपंच शामसिंह सर्फे व ग्राम सभा अध्यक्ष सुरेश कावड़े ने ग्रामीणों की उपस्थिति में तिरंगा फहराया गया। ग्रामीणों ने बताया घटना के बाद से सरपंच गांव व पंचायत मुख्यालय नहीं आए हैं। कांकेर। बड़े तेवड़ा में सरपंच नहीं आए तो उपसरपंच ने फहराया तिरंगा। मुझे झंडा फहराने से रोका सरपंच रजमन सलाम ने कहा कि घटना के बाद मैं सिर्फ सप्ताह भर गांव से बाहर था। इसके बाद से गांव में ही हूं और पंचायत कार्यालय भी जाता हूं। इसकी जानकारी यहां के शिक्षकों से ली जा सकती है। 25 जनवरी को इन्होंने गांव वालों की बैठक बुला मुझे व मेरी पत्नी को झंडा फहराने नहीं देने का निर्णय लिया। मैं वहां जाता तो फिर विवाद होता। मेरी पत्नी आंगनबाड़ी गई थी, लेकिन उसे भी फहराने नहीं दिया गया।


