सहारा समूह के अफसरों और कटनी की विजय राघौगढ़ सीट से भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनियों से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू हो गई है। मंगलवार को ईओडब्ल्यू ने सहारा प्राइम सिटी कंपनी के लैंड कोऑर्डिनेटर संतोष जैन से पूछताछ की। भोजपुर रोड स्थित 112 एकड़ जमीन की पांच अलग-अलग रजिस्ट्रियों पर उनके ही दस्तखत हैं। ये रजिस्ट्रियां मेसर्स सिनाप रियल एस्टेट प्रालि. को की गई हैं। ईओडब्ल्यू ने उनसे पूछा कि जमीन बेचने पर मिली रकम किन बैंक खातों से आई और इसे किन-किन बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया? उन्होंने कहा कि इसके लिए कंपनी की वित्त शाखा से जानकारी लेनी होगी। ईओडब्ल्यू ने उन्हें और समय दिया है। ईओडब्ल्यू ने सहारा के अफसरों और खरीदार कंपनियों के संचालकों को पूछताछ के लिए बुलाया है। 9 में से 3 लोगों ने जवाब देने के लिए समय लिया है, जबकि 3 लोग बुधवार को जवाब देंगे। निवेशकों से धोखा
ईओडब्ल्यू सूत्रों का कहना है कि यदि सहारा समूह और खरीदार कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया होता तो ये 90 करोड़ निवेशकों को मिलने चाहिए थे। कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर रजिस्ट्री होती तो निवेशकों को 1000 करोड़ रुपए तक मिल सकते थे। राज्य सरकार को स्टांप ड्यूटी से राजस्व 90 करोड़ पर नहीं, बल्कि 1000 करोड़ रुपए पर मिलता। आवासीय लैंड यूज को बताया कृषि भूमि
जांच एजेंसी को पता चला है कि आवासीय लैंड यूज की इन जमीनों को कृषि लैंड यूज बताकर बेचा गया है। वो भी तब, जब इन जमीनों पर कॉलोनी बनाने के लिए नक्शे भी पास करवा लिए गए थे। हालांकि, इस बिंदु की पुष्टि के लिए ईओडब्ल्यू अब जमीन के तमाम जरूरी दस्तावेज जुटा रही है।


