रीवा के संजय गांधी अस्पताल का ENT विभाग विवादों में:80 छात्राओं से उत्पीड़न का मामला न्यायालय पहुंचा; वॉर्ड से नाबालिग लड़की के अपहरण में 8 माह की सजा

रीवा के संजय गांधी अस्पताल का ईएनटी (ENT) विभाग महिला उत्पीड़न के गंभीर मामलों को लेकर सुर्खियों में है। विभाग से जुड़े दो हाईप्रोफाइल मामले अब अदालत की दहलीज पर हैं। इनमें सबसे प्रमुख मामला 80 नर्सिंग छात्राओं द्वारा मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अशरफ पर लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों का है, जिसकी सुनवाई अब कोर्ट में चल रही है। वहीं, दूसरे मामले में अदालत ने नाबालिग के अपहरण के दोषी अस्पताल कर्मचारी को 8 महीने की सजा सुनाई है। इन सबके बीच गुरुवार को विभाग के एक कर्मचारी का अश्लील वीडियो भी वायरल हुआ है। करीब 6 महीने पहले नर्सिंग की 80 छात्राओं ने एकजुट होकर डीन को लिखित शिकायत सौंपी थी। इसमें उन्होंने डॉ. अशरफ पर प्रताड़ना, अशोभनीय व्यवहार और असुरक्षित माहौल बनाने का आरोप लगाया था। छात्राओं का कहना था कि डॉक्टर के व्यवहार और हाव-भाव से वे खुद को असहज और अपमानित महसूस करती हैं, जिससे उनकी पढ़ाई (क्लीनिकल लर्निंग) प्रभावित हो रही है। भारी विरोध के बाद डॉ. अशरफ को निलंबित कर दिया गया था।
अधीक्षक बोले- छात्राएं लड़ रही हैं हक की लड़ाई अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि छात्राएं अब न्यायालय में अपने हक की लड़ाई लड़ रही हैं और मामला न्यायिक प्रक्रिया में है। हालांकि, डॉ. अशरफ शुरू से ही इन आरोपों को निराधार बताते आए हैं। इलाज की जगह अटेंडर का अपहरण किया था कर्मचारी, 8 महीने की जेल ईएनटी विभाग से जुड़े दूसरे मामले में, जो एक नाबालिग के साथ दुर्व्यवहार और छेड़खानी का था, न्यायालय ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने अस्पताल के आरोपी कर्मचारी को धारा 87 के तहत दोषी मानते हुए 8 माह की सजा सुनाई है। कोर्ट ने माना कि आरोपी ने मरीज के इलाज की जिम्मेदारी निभाने के बजाय, मरीज की अटेंडर (नाबालिग) को बहला-फुसलाकर उसका अपहरण किया था। परिजन बोले- वीडियो वायरल कर पहचान उजागर की नाबालिग के परिजनों ने शुरू से ही गैंगरेप का दावा किया था और वे अब ऊंची अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि नाबालिग से जुड़े सरकारी कैमरों के फुटेज वायरल कर उसकी गोपनीयता उजागर की गई, जिससे पीड़िता तनाव में है। थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने बताया, “आरोपी को सजा दिलाने के लिए पुलिस ने अथक परिश्रम किया, जिसके चलते उसे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सका।” फिर वायरल हुआ अश्लील वीडियो, अधीक्षक बोले- पुराना है इन गंभीर मामलों के बीच गुरुवार को ईएनटी विभाग के एक कर्मचारी का अश्लील वीडियो वायरल होने से विवाद और गहरा गया। इस संबंध में जब अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने वीडियो को पुराना और निजी बताया। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने ईएनटी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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