करौली जिले में स्मैक तस्करी के एक पुराने मामले में कोर्ट ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई है। वर्ष 2021 के इस मामले में तीन आरोपियों को 10-10 साल का कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया, जबकि एक अन्य आरोपी को 7 साल कारावास और 50 हजार रुपए का अर्थदंड मिला है। करौली स्थित विशिष्ट कोर्ट की जज माधवी दिनकर ने स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम से जुड़े इस प्रकरण में अपना निर्णय सुनाया। कोर्ट ने 2021 में हुई स्मैक जब्ती के मामले में सभी चार आरोपियों को दोषी करार दिया। लोक अभियोजक रितेश सारस्वत ने बताया कि आरोपी बलराम निवासी इनायती, सपोटरा, संजय कुमार निवासी देवरी मूठ, हरनावदा सहाजी, बारां और पवन निवासी मसावता, सपोटरा को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक को एक-एक लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। वहीं, आरोपी भरतलाल उर्फ भरतू निवासी बगदिया, सपोटरा को 7 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। यह मामला 2 मार्च 2021 का है, जब करौली सदर थाना पुलिस ने नयापुरा मोड़ पर नाकाबंदी के दौरान कार्रवाई की थी। उस समय आरोपी बलराम से 140 ग्राम स्मैक, संजय कुमार से 100 ग्राम स्मैक और भरतलाल उर्फ भरतू से 10 ग्राम स्मैक बरामद की गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पवन अपनी गाड़ी का उपयोग स्मैक की तस्करी में कर रहा था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और 90 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया।


