बालोद जिले की गुरुर नगर पंचायत में इस बार का कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर है। कांग्रेस ने स्थानीय नेता टिकेश्वर साहू को मैदान में उतारा है, जो जन्म से गुरुर के निवासी हैं। वहीं भाजपा ने प्रदीप साहू पर दांव लगाया है, जो मूल रूप से 10 किलोमीटर दूर अकलवारा गांव के हैं, लेकिन लंबे समय से गुरुर में रह रहे हैं। पिछले 10 सालों से कांग्रेस के शासन वाली इस नगर पंचायत में दोनों दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में हैं। कांग्रेस जहां अपने विकास कार्यों को मुद्दा बना रही है, वहीं भाजपा पिछले एक दशक के शासन को ‘काला अध्याय’ बताते हुए बदलाव की मांग कर रही है। सियासी माहौल गरम स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरम है। गुरुर नगर पंचायत सीट विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह क्षेत्र स्थानीय विधायक संगीता सिन्हा का गृह नगर है, जहां उनके परिवार का लगातार तीसरा कार्यकाल चल रहा है। दोनों नेता के अपने अपने दावे कांग्रेस के टिकेश्वर साहू का दावा है कि वे स्थानीय होने के नाते नगर की समस्याओं को बेहतर समझते हैं, जबकि प्रदीप साहू का कहना है कि लंबे समय से यहां रहने के कारण गुरुर उनका भी शहर है।


