डीग जिले में जिला प्रशासन की पहल पर आयोजित ग्राम उत्थान शिविरों में पशुपालन विभाग ने सक्रिय भूमिका निभाई। इन शिविरों के माध्यम से जिले के पशुपालकों और उनके मवेशियों को व्यापक स्तर पर लाभान्वित किया गया। शिविरों का मुख्य उद्देश्य पशुधन के स्वास्थ्य में सुधार करना और पशुपालकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना था, जिसमें विभाग को उल्लेखनीय सफलता मिली है। शिविरों के दौरान पशु स्वास्थ्य रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। मौके पर ही 4,546 पशुओं को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की गई, कृमिनाशक दवाएं पिलाई गईं और मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसके अतिरिक्त, गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान भी चलाया गया, जिसके तहत क्लासिकल स्वाइन फीवर के 10 टीके लगाए गए।
पशुओं में नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से विभाग ने विशेष प्रयास किए। शिविरों में कृत्रिम गर्भाधान और बांझपन निवारण के माध्यम से 446 पशुपालकों को लाभान्वित किया गया। यह पहल भविष्य में उन्नत नस्ल के पशुधन के विकास में सहायक सिद्ध होगी। जागरूकता प्रसार की दिशा में भी विभाग ने महत्वपूर्ण कार्य किया। शिविरों में कुल 3,995 पशुपालकों को विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, गौवंश के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 3,318 लोगों को गौशाला विकास योजना के प्रावधानों से अवगत कराया गया, जिससे जिले में गौशालाओं का सुदृढ़ीकरण हो सके।


