हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल के विवादास्पद बयान ने जिले में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। विधायक ने 28 जनवरी को मीडिया से बातचीत में कहा था कि “कुछ समुदायों ने मूल ओबीसी का हक़ खा लिया है”, जिसके बाद विभिन्न समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया। आज जाट समाज और सर्व समाज ने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर पड़ाव डाल विरोध प्रदर्शन किया। जिला कलक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया है। जाट समाज और अन्य सामाजिक संगठनों ने इस बयान को समाज में वैमनस्य फैलाने वाला बताते हुए कड़ी निंदा की है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विधायक बंसल ने पहले भी जाट समाज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की थीं, जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग है कि विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द की जाए। स्थानीय नेताओं का कहना है कि विधायक के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले लंबित हैं और उन पर धनबल का दुरुपयोग कर जांच प्रभावित करने के आरोप भी हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह बयान नगर परिषद के सभापति रहते हुए किए गए कथित भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने का प्रयास है। हनुमानगढ़ की पहचान विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच भाईचारे के लिए रही है। स्थानीय समुदायों का कहना है कि ऐसे विवादास्पद बयानों से इस सौहार्द को नुकसान पहुंच सकता है।


