कुरुद तालाब के अतिक्रमण पर चला बुलडोजर:जोन कमिश्नर, तहसीलदार और जामुल पुलिस की टीम ने खड़े होकर तुड़वाया बेजा कब्जा

कुरुद ढांचा भवन के पास स्थित कुरुद तालाब के ऊपर हुए बेजा कब्जा पर बुधवार को भिलाई निगम का बुलडोजर चला। भिलाई कमिश्नर के निर्देश पर जोन कमिश्रन, तहसीलदार और जामुल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बेजाकब्जा कर बनाए मकानों को तोड़ा गया। आपको बता दें कि कुरुद तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए वैशाली नगर विधायक ने मद देने का वादा किया है। इसके बाद इसके सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसी कड़ी में वैशाली नगर जोन की कमिश्नर येशा लहरे ने भिलाई के निगम कमिश्नर राजीव कुमार पाण्डेय को यहां से अतिक्रमण हटाने के प्रस्ताव दिया। जोन कमिश्नर ने बताया कि उन्होंने अतिक्रमण की कार्रवाई के लिए कब्जा धारकों को कई बार नोटिस दिया है, लेकिन वो लोग वहां से हट नहीं रहे हैं। इस पर निगम कमिश्नर ने उन्हें तीन दिन का नोटिस जारी करवाया। इसके बाद भी जब लोगों ने कब्जा नहीं छोड़ा तो निगम का बुलडोजर अतिक्रमण तोड़ने पहुंच गया। इस कार्रवाई के दौरान जोन कमिश्नर येशा लहरे, तहसीलदार हुलेश्वर नाथ खुंटे, जोन 2 नगर निगम के अतिक्रमण शाखा प्रभारी शरद दुबे, स्वास्थ्य विभाग प्रभारी अनिल मिश्रा सहित जामुल पुलिस मौजूद रही। लगभग तीन से चार घंटे तक चली इस कार्रवाई में चार से पांच बेजा कब्जा झोपड़ियों और मकान को तोड़ा गया। पार्षद पति पहुंचे बचाव में फिर भी नहीं रुकी कार्रवाई इस पूरी कार्रवाई में हर बार की तरह फिर से लोगों ने एक महीने का समय मांगा। अतिक्रमण शाखा प्रभारी शरद दुबे ने कहा कि पिछे दो साल से निगम की टीम कई बार समय देकर लौट चुकी है, लेकिन कब्जाधारक कब्जा नहीं छोड़ रहे हैं। इसलिए कार्रवाई नहीं रुकेगा। इस दौरान कुरुद के पार्षद पति अजय साहू ने भी समय देने की बात कही, लेकिन निगम के अधिकारियों ने बेजा कब्जा को तोड़ा और उसके बाद टीम वापस चली गई। निगम के कर्मचारियों ने खुद हटाया सामान बेजा कब्जा तोड़ने पहुंची निगम टीम ने खुद लोगों के घरों के अंदर से उनका पूरा सामान बाहर करवाकर एक सुरक्षित जगह पर रखवाया। इसके बाद तहसीलदार और जोन कमिश्नर ने अंदर पुलिस बल के साथ अंदर जाकर देखा कि अंदर कोई इंशान या जानवर घुसा तो नहीं है। इसके बाद खाली मकान को कुंडी लगाकर बंद किया गया। इसके बाद उसे जेसीबी से तोड़ने की कार्रवाई की गई। 75000 रुपए में मकान देने का वादा अतिक्रमण की कार्रवाई के दौरान लोगों ने जो कमिश्नर येशा लहरे से गुहार लगाई की उनका मकान तोड़ दिया अब वो कहां जाएंगे। इस पर जोन कमिश्नर ने उसने समझाया कि वो निगम कार्यालय में आकर मकान के लिए आवेदन करें। जो मकान साढ़े तीन लाख रुपए का गरीबों के लिए दिया जा रहा है, उसे वो उन्हें 75 हजार रुपए में दिलाएंगी। साथ ही जैसे ही 75 हजार रुपए जमा हो जाएंगे मकान की चाबी उन्हें बिना लॉटरी के दे दी जाएगी।

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