झालावाड़ में निकासी के दौरान डीजी पर नाचते समय एक युवक अचानक बेहोश होकर गिर गया। आनन फानन में लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने हार्ट अटैक के कारण मौत की आंशका जता रहे है। परिजन बिना पोस्टमॉर्टम करवाए ही शव ले गए। इससे शादी की खुशियां मातम में बदल गई और मौके पर चीख पुकार मच गई। मृतक युवक ने एमएससी व बीएड कर रखा था और कोटा में रहकर आरएएस परीक्षा की तैयारी कर रहा था। घटना खानपुर कस्बे में मंगलवार रात करीब दस बजे की है। इसके बाद निकासी, स्टेज कार्यक्रम से लेकर धूमधाम के अन्य कार्यक्रम स्थगित कर दिए। रात में सादगी के साथ केवल फेरे हुए। वर पक्ष के लोग गमगीन माहौल में यहां से रवाना हो गए। लड़खड़ाया और जमीन पर गिरा
स्थानीय लोगों ने बताया- जरगा गांव के महावीर नागर के बेटे की शादी में खुशियों का माहौल था। निकासी चल रही थी और डीजे पर युवा नाच रहे थे। इसी बीच राघवेन्द्र, जो रामबिलास नागर का बेटा था, भी डीजे पर थिरक रहा था। रात करीब 10 बजे अचानक वह लड़खड़ाया और जमीन पर गिर पड़ा। बिना पोस्टमॉर्टम के शव के लिए गया परिवार
हड़बड़ी में परिजन उसे खानपुर अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। राघवेन्द्र को मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि हार्ट अटैक से मौत हुई हो सकती है। परिजन बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही अपने लाड़ले को घर ले गए। विवाह स्थल पर जैसे ही यह खबर पहुंची, माहौल बदल गया। डीजे की आवाज बंद हो गई। निकासी रुक गई। स्टेज पर होने वाले सारे कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। शादी के रीति-रिवाज बेहद सादगी से निभाए गए। सिर्फ फेरे कराए गए और दूल्हा-दुल्हन को विदा कर दिया गया। 2 बहनों का इकलौता भाई था मृतक
राघवेन्द्र कृषि में एमएससी और बीएड की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह आरएएस बनने का सपना देख रहा था। कोटा में रहकर मेहनत कर रहा था। 2 बहनों का इकलौता भाई था, जिनमें से एक की शादी हो चुकी थी। बुधवार को जरगा गांव में उसका अंतिम संस्कार किया गया, जहां पूरा गांव नम आंखों से अपने होनहार को अंतिम विदाई देने पहुंचा।


