राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम (NQAS) के तहत एक तीन सदस्यीय दल गुरुवार को बड़वानी जिला अस्पताल पहुंचा। टीम ने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम के दौरे के दौरान अस्पताल में कई विशेष व्यवस्थाएं देखने को मिलीं। ओपीडी के बाहर लगी एलईडी स्क्रीन चालू की गई, और सफाईकर्मी दीवारों पर पोछा लगाते नजर आए। स्ट्रेचर के कवर कपड़े भी अन्य दिनों की अपेक्षा बेहतर स्थिति में दिखे। इन वार्डों का किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान, टीम ने ओपीडी, ब्लड बैंक, सहायता केंद्र, आईसीयू, बर्न वार्ड और दवाई वितरण कक्ष का दौरा किया। उन्होंने केंद्रीय रोगाणु-रहित आपूर्ति विभाग (CSD) के कर्मचारियों से भी चर्चा की और कई विभागों की वस्तुस्थिति की जानकारी ली। टीम ने वैक्सीनेशन रिकॉर्ड, बायोमेडिकल स्टोरेज, मरीजों की ऑनलाइन एंट्री और रजिस्ट्रेशन से संबंधित जानकारी जुटाई। उन्होंने संबंधित स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। टीम के पहुंचने पर बदली अस्पताल की तस्वीर आईसीयू वार्ड में टीम के पहुंचने से पहले सफाईकर्मी दीवारों पर पोछा लगाते देखे गए। आपातकाल कक्ष के बाहर भी गंभीर मरीजों को ले जाने वाले स्ट्रेचर पर सफेद चादरें बिछाई गईं और उन्हें साफ किया गया। अस्पताल प्रबंधन ने पार्किंग सहित अन्य व्यवस्थाओं को भी व्यवस्थित दिखाया। यह भी देखा गया कि टीम के आने पर ओपीडी से लगा अस्पताल का दूसरा मुख्य द्वार खुला रखा गया था, जो आमतौर पर बंद रहता है। टीम के जाने के बाद यह गेट फिर से बंद कर दिया गया, जिससे मरीजों को दूसरे गेट से होकर घूमकर आना-जाना पड़ा।


