भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन में ठेकेदार सिस्टम के तहत काम करने वाले कंप्लेंट हैंडलिंग बाइक (सीएचबी) कर्मचारी बलदेव सिंह, जिनकी ड्यूटी के दौरान करंट लगने से मृत्यु हो गई थी का वीरवार को संस्कार कर दिया गया। वहीं यूनियन की ओर से 27 जनवरी को वेरका बिजली घर के बाहर लगाए धरने के बाद सरकार की ओर से मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपए मुआवजा 10 लाख इंश्योरेंस और 2 लाख वेलफेयर फंड से देने का वादा किया। वहीं बलदेव की पत्नी को किसी आउट सोर्स कंपनी में नौकरी देकर एडजेस्ट किया जाएगा। बलदेव का शव का वीरवार को संस्कार कर दिया गया। वहीं अधिकारियों की गलती की रिपोर्ट भी विभाग बनवा रहा है। इसके बाद विभाग संबंधित कर्मचारियों पर एक्शन ले सकता है। इस दुर्घटना की जांच इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर करेगा। ईस्ट डिवीजन के एक्सईएन इंजी मनोहर सिंह ने कहा सीएचबी कर्मचारी बलदेव के परिजनों को सरकार ने 25 लाख मुआवजा दे दिया है। संबंधित कर्मचारी दोषी पाए गए तो उन पर कार्रवाई होगी। ^सीएचबी कर्मचारी बलदेव के साथ हुआ हादसा बहुत दु:खद है। इस संबंध में मुझ पर लगाए जा रहे आरोप निराधार और तथ्यहीन है। मैं अपना पक्ष माननीय अधिकारियों को पेश करूंगा। विभाग की तरफ से मृतक के परिवार को 25 लाख रुपए की मुआवजा राशि दी जा चुकी है। – जेई विशाल शर्मा, पावरकॉम बलदेव की ड्यूटी रात की थी, मगर उसे दिन में भी बुला लिया गया। जबकि दिन की ड्यटी सहायक लाइनमैन की थी। उसे सेफ्टी किट और अर्थिंग राड के 11 केवी लाइन पर चढ़ा दिया गया। जबकि विभाग की हिदायतें हैं कि बिना सेफ्टी किट काम न करवाया जाए।


