मानव जीवन सत्कर्म के लिए, उदर पूर्ति के लिए नहीं

मुरैना । मानव जीवन केवल उदर पूर्ति के लिए नहीं, बल्कि सत्कर्म करने के लिए मिलता है। श्रीपुरुषोत्तम धाम बैठक मंदिर, मुरैना गांव में श्रीगोपाल प्रभु के तृतीय पाटोत्सव पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में व्यास पीठ से वल्लभकुल आचार्य गोवर्धनेश महोदय ने यह बात कही। ऋषभदेव की कथा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य का वही इतिहास महत्वपूर्ण है, जो उसे भगवत स्मरण के लिए प्रेरित करे और सद्गुणों के संस्कार दे। ऋषभदेव के पुत्र भारत के नाम पर ही देश का नाम भारत पड़ा। कथा के समापन पर मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया।

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