पंजाब में साइकिल कारोबारियों का विरोध, माई भागो स्कीम की वापसी की मांग

लुधियाना| शहर की साइकिल इंडस्ट्री इस समय गंभीर संकट का सामना कर रही है। पंजाब सरकार की उपेक्षा और कई सरकारी योजनाओं के बंद होने से छोटे कारोबारी काफी परेशान हैं। जहां एक ओर जीएसटी टैक्स की बढ़ती दुविधाएं और माई भागो स्कीम का बंद होना समस्या का कारण बन रहा है, वहीं दूसरी ओर अन्य राज्यों में साइकिल इंडस्ट्री में निवेश बढ़ता जा रहा है। पंजाब सरकार के दावों के बावजूद, साइकिल इंडस्ट्री में कोई नई पहल नहीं की जा रही है और प्रदेश में साइकिल की छोटी इंडस्ट्री की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। फीको के प्रधान गुरमीत सिंह कुलार ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि पंजाब में पिछले तीन सालों में कोई नई साइकिल इंडस्ट्री नहीं खुली है, जबकि बड़े उद्योगपतियों ने अन्य राज्यों में अपनी यूनिट स्थापित कर ली हैं। उन्होंने माई भागो स्कीम को पुनः लागू करने की मांग की, जो पहले पंजाब में सरकारी स्कूलों की लड़कियों को साइकिलें मुफ्त में देती थी, लेकिन अब बंद हो चुकी है। यूनाइटेड साइकिल पार्ट्स एसोसिएशन के नेताओं ने भी सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की है, ताकि पंजाब की साइकिल इंडस्ट्री को बढ़ावा मिल सके और रोजगार के अवसर उत्पन्न हो सकें। फीको के प्रधान गुरमीत सिंह कुलार ने कहा कि पंजाब सरकार साइकिल इंडस्ट्री को लेकर बिल्कुल भी चिंतित नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन सालों में पंजाब में कोई नई साइकिल इंडस्ट्री नहीं खुली है, जबकि राज्य की प्रमुख इंडस्ट्री एवन और हीरो ने अपनी फैक्ट्रियां बिहार में लगा दी हैं। कुलार ने कहा कि पंजाब सरकार ने 65 हजार करोड़ रुपये निवेश का दावा किया था, लेकिन अब तक एमएसएमई के अंतर्गत आने वाली छोटी इंडस्ट्री की कोई मदद नहीं की गई। पहले तीसरे नंबर पर रहने वाला सूबा अब 27वें नंबर पर आ गया है। उन्होंने बताया कि बादल सरकार द्वारा शुरू की गई ‘माई भागो स्कीम’ भी बंद कर दी गई, जो सरकारी स्कूलों की लड़कियों को फ्री साइकिल देती थी, जबकि यह योजना अन्य राज्यों में अब भी चल रही है। गुरमीत सिंह ने कहा कि कल सभी साइकिल इंडस्ट्री के कारोबारी कैबिनेट मंत्री से मुलाकात करेंगे। यूनाइटेड साइकिल पार्ट्स एसोसिएशन के चेयरमैन चरणजीत सिंह विश्वकर्मा ने बताया कि साइकिल इंडस्ट्री लगातार गिरावट की ओर बढ़ रही है। जहां बड़ी इंडस्ट्रीज मुनाफा कमा रही हैं, वहीं छोटी इंडस्ट्रीज की स्थिति बेहद खराब है, और पंजाब सरकार उनकी ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर यही हाल रहा, तो कई छोटी इंडस्ट्रीज अपना काम बंद कर देंगी, जिससे साइकिल इंडस्ट्री को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ेगा। विश्वकर्मा ने यह भी बताया कि पंजाब सरकार ने एमएसएमई के तहत आने वाली इंडस्ट्रीज के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इसके अलावा, माई भागो स्कीम के तहत भी अब तक कोई टेंडर नहीं जारी किया गया, जिससे उद्योग को काम मिलने में समस्या हो रही है।

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