रायपुर की 18 लाख आबादी को परेशानी:7 साल में साफ पानी पिलाने 600 करोड़ खर्च, फिर भी 54 वार्डों में नलों से आ रहा गंदा पानी

रायपुर नगर निगम में पिछले 7 साल में शहर की 20 लाख से ज्यादा आबादी को साफ पानी देने के लिए अमृत मिशन और छोटी योजनाओं में करीब 600 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। शहर की 46 पानी टंकियों में 22 कमांड एरिया में नई पाइप लाइन बिछाई गई है। इसके अलावा पानी टंकी की सफाई, स्मार्ट सिटी योजना के तहत 24 घंटे पानी समेत कई योजनाओं में करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं। इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद आज तक शहर को न तो टैंकर फ्री किया जा चुका है और न ही गंदे पानी से निजात दिला पाए हैं। हालात ये है कि शहर के 54 वार्ड की 20 लाख आबादी गंदे पानी की समस्या से परेशान है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन इलाकों में पुरानी पाइपलाइन से पानी की सप्लाई हो रही है। ये पाइपलाइन या तो खराब हो चुकी है या इसके अधिकांश हिस्सों में कोई न कोई दिक्कत है। शहर के आउटर और ऐसे इलाके जहां दो से तीन साल से नई कॉलोनियां बसी हैं वहां इस तरह की समस्या सबसे ज्यादा है। इन इलाकों में अभी भी पांच से दस साल पुरानी पाइपलाइन से ही पानी की सप्लाई की जा रही है। इस वजह से यहां के लाखों लोग हमेशा परेशान होते रहते हैं। हालांकि निगम की ओर से पहली बार पाइपलाइन को लेकर सर्वे किया जा रहा है। सर्वे में यह देखा जा रहा है कि कौन सी जगह पर किस पाइपलाइन को बदलना है। सर्वे पूरा, जल्द काम खत्म करेंगे
शहर के 10 जोन से पाइपलाइन को लेकर रिपोर्ट मिल गई है। जल बोर्ड इस पर काम कर रहा है। पूरे शहर को साफ पानी देना निगम की जिम्मेदारी है। किसी भी वार्ड में लो प्रेशर या गंदे पानी सप्लाई की समस्या नहीं होगी।
विश्वदीप, कमिश्नर नगर निगम रायपुर इन वार्डों में नलों से आता है गंदा पानी
शहर में कुछ इलाके ऐसे हैं, जहां नलों से गंदा पानी आने की समस्या है। इनमें रामनगर, पेंशनबाड़ा, बैरनबाजार, गायत्री नगर क्षेत्र की सेल्स टैक्स कॉलोनी, पिंक सिटी, भाठागांव, कुशालपुर, सड्‌डू, बोरियाकला, भाठागांव, बोरियाखुर्द जैसे इलाके शामिल हैं, जहां लोग समय-समय में गंदे पानी से परेशान रहते हैं। लगातार नलों से गंदा पानी आने के बाद लोग जब इसकी शिकायत करते हैं तभी निगम वाले इस फाल्ट को सुधारते हैं। लेकिन कई बार यह समस्या हर हफ्ते होने लगती है। अफसरों का कहना है कि जहां नई कॉलोनियां बनी है वहां ऐसी समस्या आती रहती है। पाइपलाइन बदलने के बाद समस्या खत्म हो जाएगी।

भास्कर पहुंचा उन जगहों पर, जहां लो प्रेशर से आ रहा पानी
भास्कर की टीम शहर के उन इलाकों में पहुंची, जहां लो प्रेशर पानी की समस्या अभी भी आ रही है। न्यू पंचशील नगर, कटोरा तालाब में सूर्या अपार्टमेंट, पेंशन बाड़ा में मीनाक्षी ब्यूटी पार्लर वाला एरिया, सोहागा मंदिर के पीछे ब्राह्मणपारा, कंकाली तालाब के पास राम जानकी मंदिर वाला इलाका, ढीमरपारा, पटवापारा, पुराना शांति नगर और महिला थाने के आसपास के इलाके में अभी भी लो प्रेशर से पानी आ रहा हैं। इन इलाकों के लोगों ने बताया कि कभी सुबह कभी शाम अचानक नलों से पानी का प्रेशर कम हो जाता है। सबसे बड़ी परेशानी टंकी तक पानी चढ़ाने की होती है। पाइप लगातार ड्रम या दूसरे बर्तन भरने पड़ते हैं। इन वार्डों के पार्षदों ने अफसरों से शिकायत भी की है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
इन 16 वार्डों में नई पाइपलाइन से ही सप्लाई, लेकिन 100% नहीं
शहर में स्मार्ट सिटी योजना के इंदिरा गांधी वार्ड, हवलदार अब्दुल हमीद वार्ड, तात्यापारा, स्वामी विवेकानंद सदर बाजार, मौलाना अब्दुल रउफ वार्ड, महामाया मंदिर वार्ड, सिविल लाइन, स्वामी आत्मानंद वार्ड, डा. विपिन बिहारी सूर वार्ड, शहीद पंकज विक्रम, ब्राह्मणपारा, रमन मंदिर वार्ड, ब्रिगेडियर उस्मान वार्ड, शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड और समता-चौबे कॉलोनी के एरिया में 24 घंटे पानी देने के लिए नई पाइपलाइन बिछाई गई है। लेकिन इसमें शुरुआत के कुछ वार्डों के अलावा बाकी जगहों पर 10 से 50 फीसदी ही पाइपलाइन नई बिछाई गई है। बाकी जगहों पर अभी भी पुरानी पाइपलाइन से पानी की सप्लाई की जा रही है। इस वजह से इन वार्डों में भी लोगों की समस्या सौ प्रतिशत खत्म नहीं हुई है।
पहली बार निगम के सभी 70 वार्ड में किया गया सर्वे, रिपोर्ट तैयार है, जल्द समस्या खत्म हो जाएगी रायपुर नगर निगम के कार्यपालन अभियंता नरसिंह फरेंद्र ने बताया कि जल बोर्ड की स्थापना के बाद पहली बार 10 जोन से 70 वार्डों के लिए पाइपलाइन की रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें एबीडी एरिया में पूरी तरह से नई पाइपलाइन से पानी की सप्लाई की जा रही है। अभी जहां पाइपलाइन बदलने की जरूरत है वो शहर के आउटर वाले वार्डों में है। इन वार्डों में करीब 10 से 15 साल पुरानी पाइपलाइन बिछी हुई है। इसके अलावा ऐसे इलाके हैं, जो पिछले दो से तीन साल में डेवलप हुए हैं। वहां नई कॉलोनियां बनीं हैं। आबादी बढ़ी है। इन जगहों पर पुरानी पाइपलाइन बिछी हुई है। जो नाले या नालियों से होकर गुजरी हैं। इस वजह से इन्हीं खास जगहों से गंदे पानी और लो प्रेशर की शिकायत आती है। लेकिन अब जो रिपोर्ट मिली है उसके आधार पर करीब दो महीने में ही इन सभी समस्याओं को खत्म कर दिया जाएगा। शहर में कोई भी पाइपलाइन ऐसी नहीं होगी जो गंदगी से होकर गुजरेगी।

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