राजधानी समेत राज्यभर के नान गोदामों में चावल ही नहीं है। जनवरी का चावल बांटने में ही अफसरों का पसीना छूट रहा है। इसके बावजूद खाद्य संचालनालय ने नया अजीबोगरीब फरमान जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार सभी राशन दुकानों से बीपीएल परिवारों को फरवरी-मार्च यानी दो माह का चावल एक साथ बांटा जाएगा। संचालनालय की ओर से जारी इस आदेश को लेकर अफसर असमंजस में हैं। क्योंकि दो माह का चावल एक साथ बांटने के लिए केवल 2 दिन में इतना चावल कहां से आएगा? इसे लेकर भी विवाद शुरू हो गया है। शहर की राशन दुकानों में अभी बीपीएल कोटे का चावल ही नहीं है। दुकान वालों का कहना है कि अगर चावल आ भी रहा है तो वो बेहद खराब क्वालिटी का है। विभाग के अनुसार केवल रायपुर में 20 हजार क्विंटल बीपीएल कोटे का चावल बांटा जाना है, लेकिन नान के गुढ़ियारी एवं मंदिर हसौद के गोदामों में चावल ही नहीं है। अब दो माह का चावल कैसे बंटेगा यह भी तय नहीं हो पा रहा है। राशन दुकानों में चावल नहीं होने की वजह से लोगों को वापस भी लौटाया जा रहा है। फोर्टिफाइड चावल का टेंडर अभी तक फाइनल नहीं होने की वजह से यह भी तय नहीं हो रहा है कि इस चावल की सप्लाई कौन करेगा। बीपीएल परिवारों को बिना फोर्टिफाइड चावल के आवंटन नहीं किया जा सकता है। शहर की राशन दुकानें खाली, लोग हो रहे परेशान
शहर के दो दर्जन से ज्यादा दुकानों में बीपीएल और एपीएल कोटे का चावल खत्म हो गया है। इन दुकानों में चावल का स्टॉक नहीं होने की वजह से लोगों को वापस लौटाया जा रहा है। दुकान आईडी 1305, 6017, 1337, 6009, 1276, 6013, 6015, 6011, 1104, 1261, 1348, 1284, 1042, 1277, 1021 समेत कई दुकानें ऐसी हैं जहां चावल की किल्लत है। इन दुकानों में जब तक नया स्टॉक नहीं पहुंच जाता चावल नहीं बांटा जा सकता है। ऐसे में अफसर भी हैरान है कि दो दिन में हजारों क्विंटल चावल की सप्लाई कैसे की जाएगी।


