छत्तीसगढ़ में 91% मुद्दों का समाधान:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा- नई कार्य संस्कृति का प्रतीक बना ‘प्रगति’ पोर्टल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म नए भारत की बदलती कार्य संस्कृति और सुशासन की मजबूत पहचान बन चुका है। यह मंच मिनिमम गवर्नमेंट–मैक्सिमम गवर्नेंस की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए योजनाओं और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन करने में अहम रोल अदा कर रहा है। राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म सरकार की कथनी और करनी में समानता का सशक्त उदाहरण है। साय ने कहा कि इसके कारण छत्तीसगढ़ के 91 फीसदी से ज्यादा मुद्दों का समाधान हो गया है। उन्होंने बताया कि PRAGATI का अर्थ है- Pro-Active Governance and Timely Implementation, यानी योजनाओं की पूर्व तैयारी, निरंतर निगरानी और तय समय-सीमा में परिणाम सुनिश्चित करना। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2015 में इसकी शुरूआत की थी। यह आईटी-आधारित प्लेटफॉर्म शासन प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और विभागीय समन्वय को नई दिशा दे रहा है। दरअसल पहले अनेक परियोजनाएं सालों तक लंबित रहती थी औरा जब दोबारा काम शुरू होने पर इसकी लागत काफी बढ़ जाती थी लेकिन इस पोर्टल के शुरू होने के बाद से काम तेजी से होने लगे हैं। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद मुख्य सचिवों और केंद्र सरकार के सचिवों के साथ प्रगति समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करते हैं।
अब तक 50 से अधिक उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित हो चुकी हैं, जिनमें लंबित परियोजनाओं, कमजोर प्रदर्शन वाली योजनाओं और नागरिकों से जुड़े मुद्दों का समाधान किया गया है। यह मंच केवल निगरानी तक सीमित नहीं, बल्कि नीति और नियत को जमीन पर उतारने का प्रभावी माध्यम है।
छत्तीसगढ़ में 6.11 लाख करोड़ के निवेश की निगरानी
साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी प्रगति प्लेटफॉर्म का व्यापक प्रभाव दिख रहा है। राज्य में वर्तमान में 99 राष्ट्रीय परियोजनाएं संचालित हैं, जिनमें 6.11 लाख करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। इनमें से 50 परियोजनाएं पूर्ण होकर संचालित हो चुकी हैं, जबकि शेष विभिन्न चरणों में हैं। राज्य से जुड़े 200 मुद्दों में से 183 का समाधान कर 91 प्रतिशत से अधिक समाधान दर प्राप्त की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट के आधुनिकीकरण, लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना और रायपुर-कोडेबोड फोरलेन मार्ग जैसी परियोजनाओं को भी प्रगति से नई गति मिली है, जिससे औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बल मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह नवाचार विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। 3,300 से अधिक परियोजनाओं के काम में आई तेजी
राष्ट्रीय स्तर पर प्रगति के माध्यम से लगभग 85 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 3,300 से अधिक परियोजनाओं को गति मिली है। एक देश-एक राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि जैसी 61 योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुआ है। साथ ही 36 क्षेत्रों में शिकायत निवारण व्यवस्था मजबूत की गई है।

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