रांची विश्वविद्यालय में स्नातक पांचवें सेमेस्टर के परिणाम ने परीक्षा प्रणाली की खामियों को उजागर कर दिया है। कॉपियों के मूल्यांकन में भारी विसंगतियों, असामान्य रूप से अधिक फेल प्रतिशत और 19 दिनों तक दबाकर रखी गई शिकायतों से नाराज छात्रों का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। छात्रों ने परीक्षा विभाग की गोपनीय शाखा में तालाबंदी कर धरने पर बैठ गए। इस क्रम में परीक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तब परीक्षा नियंत्रक संजय सिंह मुख्यालय में नहीं थे। परीक्षा विभाग के ओएसडी डॉ. लाहा और डॉ. रोहित फाइल निष्पादित कर रहे थे। छात्रों ने वहीं बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी और मूल्यांकन की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। 19 दिन तक दबी रही शिकायत, व्यवस्था पर सवाल: छात्रों के अनुसार, परिणाम जारी होने के तुरंत बाद ही मूल्यांकन की गड़बड़ियां सामने आ गई थीं। इस संबंध में 10 जनवरी को कॉलेजों के माध्यम से लिखित आवेदन परीक्षा विभाग को सौंपा गया, लेकिन यह आवेदन परीक्षा विभाग में ही दबा रहा। छात्रों का आरोप है कि इतने दिनों तक परीक्षा नियंत्रक तक जानकारी न पहुंचना, पूरी परीक्षा व्यवस्था की लचर स्थिति को दर्शाता है। छात्रों ने गिनाईं गड़बड़ियां 1:30 बजे पहुंचे परीक्षा नियंत्रक परीक्षा नियंत्रक संजय सिंह दोपहर 1:30 बजे गोपनीय शाखा पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। कहा कि यदि आप लोगों की मांग जायज है तो नियमानुसार जल्द ही कार्यवाही की जाएगी। अंक पत्र दिखाते हुए छात्र। मूल्यांकन में त्रुटि से इनकार नहीं


