युवा झारखंड की संभावनाओं को आकार देगा नया बजट: सीएम

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि झारखंड 25 वर्षों का सफर तय कर चुका है। ऐसे में इस बार राज्य के लिए मजबूत और बहुआयामी बजट की आवश्यकता है, जो युवा राज्य की संभावनाओं को आकार दे सके। बजट संतुलित, समावेशी और व्यापक हो, जिसमें जन आकांक्षाएं दिखें और विकास को गति मिले। मुख्यमंत्री गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बजट ऐसा होना चाहिए, जो हर वर्ग और हर क्षेत्र को मजबूती के साथ आगे ले जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी बजट का आकार लगभग एक लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। आने वाले वर्षों में बजट की राशि में और वृद्धि होगी। ऐसे में राजस्व संग्रहण बढ़ाने की दिशा में ठोस प्रयास जरूरी हैं, ताकि विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में राशि की कमी न हो। -शेष पृष्ठ 11 पर नवीन प्रयोगों के साथ आगे बढ़ना जरूरी है… मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी पारंपरिक व्यवस्थाओं से अलग सोच के साथ आगे बढ़ रही है। ऐसे में बजट को नई पीढ़ी की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना होगा, ताकि उन्हें बेहतर अवसर मिल सकें। इसके लिए नवीन प्रयोगों के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। झारखंड छोटा और पिछड़ा राज्य है, पर देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान है। राज्य की अर्थव्यवस्था सशक्त करने के लिए नई नीति और बेहतर प्रबंधन के साथ काम किया जा रहा है। केंद्र की नीतियों से 9000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ: वित्त मंत्री वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण झारखंड पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। मनरेगा मजदूरी मद और जीएसटी दर युक्तिकरण से राज्य पर करीब 9000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने का अनुमान है। केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि समय पर नहीं मिलने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मौजूदा वित्तीय वर्ष में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और सिंचाई के लिए कुल बजट का 36.59% प्रावधान है, जिसे 50% किया जाना चाहिए। वहीं, सामाजिक क्षेत्र के लिए 17.5% बजट को बढ़ाकर 25 से 30% करने पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने को प्राथमिकता बताते हुए चतरा-लातेहार के बीच डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना को अगले बजट में शामिल करने का निर्देश दिया। विशेषज्ञों व आम लोगों के सुझावों को मिलेगा स्थान मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर और संतुलित बजट के लिए आम लोगों से सुझाव मांगे गए। इसके साथ ही देश के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों से भी चर्चा की गई। उनके सुझावों को बजट में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *