शहर में ऑटो रिक्शा के जरिए सवारियों को निशाना बनाकर पर्स व गहने चोरी करने वाली शातिर गुजराती गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने गैंग की महिला सरगना सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब साढ़े 33 ग्राम सोने का रवा, नकदी, पर्स, आधार कार्ड और वारदात में प्रयुक्त ऑटो रिक्शा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार बरामद सोने की कीमत लगभग 6 लाख रुपए आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपी पूर्व में भी जयपुर में कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं और आदतन अपराधी हैं। गैंग ऑटो में बैठकर दे थी वारदात को अंजाम डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि पीड़ित नुरुद्दीन खान ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वे अपनी पत्नी और पोती के साथ इंद्रा बाजार से बड़ी चौपड़ जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक ऑटो रुका, जिसमें पहले से एक महिला और युवक बैठे थे। थोड़ी दूर चलने के बाद चालक ने आगे पुलिस होने की बात कहकर एक व्यक्ति को पीछे बैठा दिया, जिससे ऑटो में भीड़ हो गई। इसी दौरान आरोपियों ने चतुराई से पीड़ित की जेब से पर्स निकाल लिया। पर्स में करीब 33.500 मिलीग्राम सोने का रवा, 15,500 रुपए नकद और जरूरी दस्तावेज थे। बाद में आरोपियों ने किशनपोल बाजार में उन्हें उतारकर ऑटो लेकर फरार हो गए। उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर थानाधिकारी राजेश गौतम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी और आसूचना तंत्र के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। महिलाओं और बुजुर्गों को बनाते थे निशाना डीसीपी नॉर्थ ने बताया कि आरोपी किराए पर ऑटो लेकर शहर में घूमते थे। वे विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को सवारी बनाते थे। फिर ऑटो में भीड़ पैदा कर बातों में उलझाकर पर्स व गहने चोरी कर लेते थे। इसके बाद सवारी को उतारकर फरार हो जाते थे। दो-तीन घटनाएं करने के बाद आरोपी गुजरात लौट जाते थे। मामले में अरविंद भाई परमार (36) – निवासी पालीताना, भावनगर, गुजरात, विमलेश उर्फ कृष्णा (22) – निवासी मेमदाबाद, खेडा रोड, गुजरात, जया बेन परमार – निवासी पालीताना, भावनगर, गुजरात और मुन्ना (45) – निवासी पालीताना, भावनगर, गुजरात को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी जया बेन परमार के खिलाफ जयपुर के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज मुख्य आरोपी जया बेन परमार के खिलाफ जयपुर के विभिन्न थानों में चोरी व अन्य धाराओं में पूर्व में भी मामले दर्ज हैं। अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। वर्तमान में सभी आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे अन्य मामलों में पूछताछ जारी है।


