परीक्षाओं के कारण अपार आईडी का काम जिले में अभी और पिछड़ेगा। जिले में 130 स्कूल व मदरसे ऐसे हैं जहां एक भी छात्र की प्रबंधन ने आईडी जनरेट नहीं की है। इन सभी को नोटिस जारी कर 7 फरवरी तक काम पूरा करने कहा है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो मान्यता खत्म करने की चेतावनी दी गई है। वहीं समीक्षा के दौरान जिले के 279 स्कूल ऐसे हैं जहां पर छात्र संख्या बहुत ज्यादा है, लेकिन छात्रों की आईडी 200 से अधिक पेंडिंग हैं। केंद्र सरकार छात्रों के लिए ‘वन नेशन वन आईडी’ पर काम कर रही है। काम शुरू हुए 3 माह हो गए है, लेकिन रफ्तार बहुत धीमी है।
जिले में 4 लाख 37 हजार 475 स्कूली छात्रों के आईडी बनने हैं, लेकिन बुधवार तक इनमें से 1 लाख 90 हजार 342 के ही आईडी बन सकी हैं। यह कुल छात्र संख्या का 43.5% है। इससे साफ है कि अभी 2.42 लाख छात्रों की आईडी और बननी है। दूसरी तरफ बात यदि छोटे जिले श्योपुर की करें तो यहां पर अपार आईडी का काम 56%हो चुका है।
बार-बार कहा, लेकिन नहीं सुन रहे हैं स्कूल: जिले के जिन 130 स्कूल और मदरसों में एक भी आईडी जनरेट नहीं हुई हैं। वहीं कुल 409 स्कूल हैं, जिनको नोटिस दिए है। यह काम 31 जनवरी तक पूरा होना था। डीपीसी ने कहा कि नोटिस का उत्तर और अपार आईडी जनरेट करने का काम 7 फरवरी तक पूरा न करने पर विभाग द्वारा ऐसे शिक्षण संस्थान की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई करेंगे। ब्लॉक स्तर पर खुलेंगे केंद्र, सिर्फ अपार के काम होंगे मुरार शहर के बीआरसी शिव ब्रह्म सिंह जादौन का कहना है कि आधार में अधिकांश छात्रों के नाम हैं, लेकिन सरनेम नहीं। इसी कारण डेटा मिसमैच होने से दिक्कत आ रही हैं। बड़ी संख्या में छात्रों की जन्म तिथि स्कूल रिकॉर्ड व आधार में एक नहीं है। जब तक यह सही नहीं होगा तब तक आईडी जनरेट नहीं होगा। इसके लिए ही समिति का गठन किया है। काम में तेजी आए और पालक जागरूक हों इसलिए हर सप्ताह अपार दिवस मनेगा। अगले 10 दिन में आधार केंद्र ब्लॉक स्तर पर खोले जाएंगे। यहां सिर्फ छात्रों के ही काम होंगे। इससे आईडी बनने में तेजी आएगी। मशीनें आ चुकी हैं अब केवल सेंटर की आईडी जनरेट होना बाकी है। 279 स्कूलों में अपार आईडी का काम चालू, लेकिन रफ्तार धीमी
जिले के 279 स्कूलों में अपार आईडी का काम तो चालू हुआ है पर रफ्तार काफी धीमी है। इसी आधार पर इन्हें भी नोटिस जारी किए गए हैं। इन्हें भी 7 फरवरी तक का वक्त दिया है। मजेदार बात यह है कि जो पेंडेंसी है वह 2 दिन खत्म होना मुश्किल है, क्येांकि अब स्कूलों में परीक्षा का सीजन चालू हो चुका है। एडमिशन, एग्जाम में फायदा
अपार आईडी बनने पर छात्र शिक्षा संबंधी सारे दस्तावेज डिजिटल लॉकर में एक ही प्लेट फॉर्म पर सुरक्षित रख सकेगा। इसे मूल दस्तावेज की तरह मान्यता है। देश में कहीं भी किसी भी शैक्षणिक संस्था में प्रवेश, जॉब आदि में उक्त दस्तावेज निकालकर सत्यापित होने के बाद मान्य हैं। इससे मूल दस्तावेज खोने, खराब या गुम होने की समस्या नहीं रहेगी। ये परेशानी ज्यादा आ रही है
यह परेशानी खासतौर पर उन बच्चों के ज्यादा आ रही है जिनके आधार में नाम, जानकारी, यूडाइस पोर्टल की जानकारी मेल नहीं खा रही है। ऐसे में जन्मतिथि की जगह आधार कार्ड में करेक्शन कराना ज्यादा जरूरी है। इसका कारण है कि इस पोर्टल पर आधार से ही बच्चे और पालक का डेटा मैच किया होता है।


