नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में शुक्रवार को किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर चक्का जाम कर दिया। यह प्रदर्शन चिनकी-बोरास बैराज सिंचाई परियोजना से छूटे गांवों को शामिल करने की मांग को लेकर किया गया। किसान बीते 10 दिनों से राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। प्रशासन द्वारा अब तक कोई सुनवाई न होने से नाराज किसानों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर यह कदम उठाया। उनकी मुख्य मांगों में चिनकी-बोरास सिंचाई परियोजना में शामिल न किए गए लगभग 40-42 गांवों को जोड़ना और क्षेत्र में पेयजल संकट का समाधान शामिल है। किसानों की कुल 9 से 14 सूत्रीय मांगें हैं। चक्का जाम के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। इससे पहले, किसानों ने तेंदूखेड़ा में एक विशाल रैली निकाली थी और एसडीएम कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया था। 21 जनवरी से जारी धरना राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के जिला उपाध्यक्ष यशवंत सिंह पटेल ने बताया कि 21 जनवरी से सैकड़ों किसान लगातार धरना दे रहे हैं, लेकिन कोई भी प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि उनकी सुध लेने नहीं आया। उन्होंने कहा कि परियोजना में 40-42 गांवों को शामिल न करने से किसान गंभीर संकट में हैं और क्षेत्र में पेयजल की भी भारी समस्या है। पटेल ने आरोप लगाया कि राज्य से लेकर केंद्र तक भाजपा की सरकार होने के बावजूद किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।


