सहारा आर्ट एंड क्राफ्ट फेयर में उमड़ी भीड़:जेकेके में दिख रहा देशभर की कला और परंपराओं का अनूठा संगम, सिल्क और ब्रास उत्पाद है खास

जवाहर कला केंद्र (जेकेके) के साउथ विंग में सहारा आर्ट एंड क्राफ्ट फेयर के तहत शिल्प कला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जहां देशभर से आए हस्तशिल्पी अपनी अनूठी कलाकृतियों और पारंपरिक वस्त्रों के साथ शहरवासियों को आकर्षित कर रहे हैं। फेयर में ब्रास और ब्लैक मेटल से बनी विभिन्न कलाकृतियों के साथ ऐतिहासिक महत्व की वस्तुएं भी प्रदर्शित की गई हैं। खासतौर पर पुराने दौर के मुनीमों की ओर से उपयोग की जाने वाली दवात, हाथी, झूले, मछली, तोप और मिनिएचर आर्ट पीस लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। जयपुराइट्स इस फेयर में वेडिंग और विंटर व समर कलेक्शन की खरीदारी कर रहे हैं। पारंपरिक कला और संस्कृति का यह संगम शहरवासियों को खूब भा रहा है और फेयर में हर दिन बड़ी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं। फेयर के आयोजक धर्म सिंह और राकेश कुमार ने बताया कि इस मेले में हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्त्र, बांस व बेंत के फर्नीचर, कलात्मक लैंप, सहारनपुर का फर्नीचर, बंगाल की साड़ियां, बाड़मेर की कढ़ाई वाले बैग, कश्मीर के पशमीना शॉल, कुंभकारी कला, लेदर व स्टोन की वस्तुएं जैसी कई अनूठी चीजें प्रदर्शित की गई हैं। पहली बार शामिल किए गए नए उत्पाद भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। महिलाओं की पसंद बना फेयर फेयर में सबसे ज्यादा भीड़ महिलाओं की देखी जा रही है, क्योंकि यहां हर राज्य के बेहतरीन परिधान और आभूषणों की विशेष स्टॉल लगाई गई हैं। महिलाओं के लिए कश्मीरी पशमीना, मदुरई सिल्क, पंजाबी सूट, बेंगलुरु का फेमस सिल्क, बनारसी साड़ी, गडवाल और कोसा सिल्क, गुजराती बंधनी, कांजीवरम, कलमकारी, पाटन पटोला, लखनवी चिकन वर्क सूट, फुलकारी वर्क सूट और कोलकाता बुटीक ड्रेसेस उपलब्ध हैं। फेयर में उत्तर प्रदेश की फेमस कालीन, मुरादाबाद के एंटीक पीस, पीतल और ब्रास की कारीगरी वाले पिकॉक, फ्लावर पॉट, कैंडल स्टैंड और डेकोरेटिव पीस, राजस्थान की पारंपरिक वस्तुएं, बंगाल के सूट और साड़ियां, और कश्मीर के पशमीना शॉल प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। फेयर में खाने-पीने के शौकीनों के लिए भी कई विकल्प मौजूद हैं। यहां उत्तर प्रदेश के स्वादिष्ट नमकीन, आचार, पापड़ और कश्मीर के ड्राईफ्रूट्स सहित कई पारंपरिक खाद्य उत्पादों की स्टॉल लगी हैं।

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