भगत सिंह सेना सुप्रीमो एवं किसान नेता नरेश मीणा ने शुक्रवार को जयपुर कूच का ऐलान किया। इसे लेकर टोंक के कोटड़ी मोड़ पर सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए नरेश मीणा ने कहा- मैं दिल से काम करता हूं। दिमाग लगाता तो एसडीएम के थप्पड़ नहीं लगाता। मुझे गलत सहन नहीं होता। वो जबरन वोट दिला रहा था, इसलिए थप्पड़ मारा। नरेश मीणा दिल से काम करता है। जो दिल से काम करता है, वह किसी का बुरा नहीं सोच सकता। यहीं कारण है कि जब मेरी मां मेरे सामने रोने लगी तो नरेश मीणा सहन नहीं कर पाया। वे बाेले- हम शांति और अंहिसा से आंदोलन करेंगे। जिसने अनुशासन तोड़ने की कोशिश की तो वह हमारा नहीं, गांधी जी का अपमान होगा। मीणा ने कहा- मैंने प्रशासन से कहा जो हमारी मांगे है वो कलेक्टर और एसपी के बस की बात नहीं थी। ये बातें सरकार लेवल पर थी। मैंने निमंत्रण दे दिया है और अब प्रशासन जो भी बात करेगा वो जनहित में करेगा। इधर, जैसे ही वे अलीगढ़ के लिए रवाना हुए उन्हें टोंक-सवाई माधोपुर हाईवे पर बेरिकेट लगाकर रोक दिया। यहां एडीएम रामरतन सौकरिया और एएसपी रतनलाल भार्गव बातचीत करने पहुंचे। फोटो में देखिए नरेश मीणा के जन आंदोलन की तस्वीर… सभा में बोले मेरी मां जैसी महिला को थाने ले जाकर पुलिस ने पीटा, मैं सहन नहीं कर सकता नरेश मीणा ने कहा- मेरे दो साल चुनावों और जेल में निकल गए। मैं टाइम मिलते ही गत दिनों क्षेत्र में आया तो एक मेरी मां जैसी वृद्ध महिला मेरे पास आपके रोने लगी। बोलीं- बेटा मुझे पुलिस वालों ने थाने ले जाकर पीटा, जबकि मेरे खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है। फिर मेरी आंखों में भी आंसू आ गए और रहा नहीं गया। फिर मैंने उसे आश्वस्त किया कि जिन लोगों ने मुझे साठ हजार वोट दिए है, उनके दुख दर्द में मैं काम नहीं आया तो मेरा राजनीति करना बेकार है। इसलिए मैंने उसी समय दोस्तों से बातचीत करके 30 जनवरी को कोटड़ी मोड पर इस वृद्ध महिला के दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करवाने समेत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जन आंदोलन की घोषणा 10 दिन पहले कर दी थी। बोले- एसडीएम ने गलत वोट दिलवाए इसलिए थप्पड़ मारा
सभा में नरेश मीणा ने कहा- मुझे कोई गलत करता है तो देखा नहीं जाता हे। एसडीमए को समरावता में थप्पड़ इसलिए मारा था कि उसने जबरन वोट दिलाया था। फिर मामला सामान्य धारा में बनता था, लेकिन मुझे ओम बिरला ने आठ महीने जेल में रखा। फिर छूटा तो पीपलोदी बच्चों को न्याय दिलाने चला गया। वहां भी मुझे बेवजह डेढ़ माह जेल में रखा। इसलिए आपकी सेवा में आया हूं। जनसभा के बाद जयपुर कूच का ऐलान, आज अलीगढ़ में गुजारेंगे दरअसल, कोटड़ी मोड़ पर दोपहर 12 बजे से लोग जुटना शुरू हो गए थे। यहां 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जन आंदोलन की सभा आयोजित की गई। दोपहर करीब 2 बजे नरेश मीणा सभा में पहुंचे। यहां उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा- सोप पुलिस ने एक महिला को थाने ले जाकर पीटा गया। समरावता को लेकर अभी मांग अधूरी है। ऐसी 11 सूत्रीय मांगे हैं। इसे लेकर गुरुवार को प्रशासन से बात हुई थी। अधिकारियों के स्तर पर ज्यादातर मांगों पर सहमति नहीं बन पाई थी। इसके बाद 24 घंटे का समय दिया लेकिन अभी तक राहत नहीं मिली। मीणा ने कहा- मांगे नहीं मानी गई तो सरकार का इंजन पटरी से उतार दूंगा। इसके बाद उन्होंने जयपुर कूच का ऐलान किया। वे बोले-जयपुर कूच के दौरान शुक्रवार की रात अलीगढ़ में बिताएंगे। वहां के लोग लकड़ियों की व्यवस्था कर लें। ताकि रात को ठंडी नहीं लगे। खाने-पीने की भी व्यवस्था गांव के लोग करेंगे। उन्होंने कहा-महिलाएं साथ नहीं चलेगी। इसके बाद वे खुली कार में रवाना हुए। जहां पहला पड़ाव है, वो सभा स्थल से 15 किलोमीटर दूर है। इधर, नरेश मीणा जैसे ही अलीगढ़ से चार किलोमीटर की दूरी पर थे, वहां टोंक-सवाई माधोपुर हाईवे पर उनको रोक दिया गया।


