राजसमंद के दिवेर थाना क्षेत्र में हुए हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्का शर्मा ने आरोपी देवीसिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है। कोर्ट ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। 20 जून 2023 की रात हुई थी घटना
लोक अभियोजक रामलाल जाट के अनुसार परिवादी उगमसिंह निवासी छापली ने 21 जून 2023 को दिवेर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 20 जून 2023 की रात करीब 11 से 11.30 बजे के बीच देवीसिंह पुत्र केशरसिंह नशे की हालत में घर पर परिवारजनों के साथ गाली गलौज कर रहा था। बेटे के विरोध पर हुआ विवाद
परिजनों से झगड़ा होते देख देवीसिंह के पुत्र चैनसिंह ने बाहर आकर उसे रोकने का प्रयास किया। इसी बात पर विवाद बढ़ गया। लकड़ी से किए गए गंभीर वार
बताया गया कि देवीसिंह लकड़ी लेकर नीचे आया और चैनसिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। उसने लकड़ी से चैनसिंह की कनपटी और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर वार किए। हॉस्पिटल ले जाने पर मृत घोषित
मारपीट की आवाज सुनकर परिजन बीच बचाव के लिए पहुंचे और घायल चैनसिंह को छापली के हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। 302 में मामला दर्ज, 13 गवाह पेश
पुलिस ने मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच पूरी की और न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान 13 गवाहों के बयान और 28 डाक्यूमेंट्स पेश किए गए। सभी सबूतों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी देवीसिंह उर्फ गंगुसिंह को दोषसिद्ध माना।


