भास्कर न्यूज|गुमला मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग गुमला तथा सहयोगी संस्था जपाईगो के द्वारा गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व देखभाल का प्रशिक्षण दिया गया। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की शीघ्र पहचान व प्रबंधन के द्वारा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। आरसीएच कार्यक्रम के अंतर्गत गुणवत्ता पूर्ण प्रसवपूर्व देखभाल के लिए जिला स्तर पर 15 बैचो॑ं में 307 एएनएम, 133 सीएचओ एवं 30 स्टाफ नर्स, कुल 470 कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है। इस प्रशिक्षण में गर्भवती महिलाओं के पेट की जांच, यूरीन डिपस्टिक के द्वारा मूत्र परीक्षण, ओजीटीटी जांच, उच्च, जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान, गर्भावस्था का उम्र निकालना, एनीमिया, उच्च रक्तचाप से संबंधित विकार आदि का निदान प्रबंधन एवं रेफरल से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। सिविल सर्जन डॉ नवल कुमार ने बताया कि बोर्न हेल्दी कार्यक्रम के अंतर्गत जपाईगो के सहयोग से जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रसव पूर्व देखभाल सेवाओं में सुदृढ़ीकरण से स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धियां में अपेक्षित सुधार परिलक्षित होगा। विशेषकर गर्भावस्था में होने वाले संक्रमणों या जटिलता की शीघ्र पहचान व इलाज से मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना संभव है। प्रशिक्षक के रूप में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पालकोट के डॉक्टर पूजा पल्लवी भगत, सीएचओ अनुपा एक्का, जपाईगो की ओर से दीपिका बा एवं राजेश कुमार ने प्रशिक्षण दिया। डॉ. पूजा पल्वी भगत ने बताया कि कार्यदक्षता, परामर्श तथा डाटा रिकॉर्डिंग एवं रिपोर्टिंग के लिए भी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है। इस प्रशिक्षण से समय पूर्व जन्म लेने एवं कम वजन के होने वाले शिशु तथा नवजात शिशु में होने वाले संक्रमण में भी कमी आएगी।


