पुशांत मोदगिल | लुधियाना शहर के बाजारों में एक बार फिर रेशमी साड़ियों की चमक, बैंड-बाजे की रिहर्सल और हलवाइयों की सरगर्मी बढ़ने वाली है। बीते कुछ समय से शुक्र तारे के अस्त होने के कारण मांगलिक कार्यों पर जो ब्रेक लगा था, वह 1 फरवरी को हटने जा रहा है। पंडित अजेय वशिष्ठ के अनुसार इसी दिन शुक्र ग्रह मकर राशि में उदय होंगे, जिसके साथ ही शहर समेत पूरे उत्तर भारत में शादियों और शुभ कार्यों का शुभ सिलसिला फिर से शुरू हो जाएगा। पं. अजेय वशिष्ठ ने बताया कि हिंदू धर्म शास्त्र और ज्योतिष विद्या में शुक्र ग्रह को सुख, ऐश्वर्य, सौंदर्य और वैवाहिक सुख का कारक माना जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक गुरु (बृहस्पति) और शुक्र दोनों उदय अवस्था में न हों तब तक विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और उपनयन संस्कार जैसे संस्कार संपन्न नहीं किए जाते। शुक्र के अस्त होने को तारा डूबना भी कहा जाता है, जिसमें वैवाहिक आनंद की कमी रहती है। अब 1 फरवरी को मकर राशि में शुक्र का उदय होना गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम योग बना रहा है। सराफा और कपड़ा बाजार में भारी उछाल की उम्मीद शुक्र उदय का उत्साह केवल घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि लुधियाना के व्यापारिक केंद्रों चौड़ा बाजार, घुमार मंडी और मॉडल टाउन में भी भारी हलचल देखी जा रही है। शुक्र का उदय होना न केवल सामाजिक बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी संजीवनी साबित होगा। नए निवेश, प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त और व्यापारिक अनुबंधों के लिए यह समय अत्यंत फलदायी रहने वाला है। शुक्र उदय होने के बाद फरवरी का पूरा महीना उत्सवों के नाम रहेगा। इस महीने विवाह के लिए कुल 9 मुहूर्त निकल रहे हैं। पं. के अनुसार इन तिथियों पर शहर के सभी मैरिज पैलेस व होटलों में भीड़ रहने की संभावना है। {फरवरी के मुख्य मुहूर्त: 5,6, 8, 10, 12, 14, 19, 20 और 21 फरवरी। फरवरी में मांगलिक कार्यों की यह रेलमपेल 23 फरवरी तक ही चलेगी। इसके बाद होली का आगमन होगा और फिर से शुभ कार्यों पर विराम लग जाएगा। होलाष्टक का प्रभाव: 24 फरवरी से होलाष्टक शुरू हो जाएगा, जिसके बाद 8 दिनों तक हिंदू धर्म में शुभ कार्य वर्जित रहेंगे। {होलिका दहन: 3 मार्च को शाम 6:22 से रात 8:50 के बीच शुभ मुहूर्त में होगा। {रंगोत्सव: 4 मार्च को धुलेंडी के साथ रंगों वाली होली मनाई जाएगी।


