भास्कर न्यूज | जालंधर श्री राजराजेश्वरी कामाख्या देवी मंदिर कोट सदीक गाखलां पुल की तरफ से हवन किया गया। इसमें पं. अविनाश गौतम, पं. राजेश शर्मा व अन्य विद्वानों ने वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ भक्तों से हवन कुंड में आहुतियां डलवाईं। विद्वानों ने भक्तों से कहा कि यह तो सर्वविदित है कि समय एक-सा नहीं रहता। बुरे वक्त में कोई अछूता नहीं रहता। बुरा वक्त भगवान श्रीराम पर भी आया था। कल्पना कीजिए कि पत्नी सीता एवं भ्राता लक्ष्मण के अलावा उनके साथ कौन चला? यहां तक कि पशु-पक्षी तक उनके साथी बन गए। वीर हनुमान जो दुख में उनके साथी थे, उनको सुख में भगवान श्रीराम ने पूरा मान सत्कार दिया। दरअसल दुख में जो साथ देता है, उसका सहयोग निस्वार्थ होता है और जब दुख की रात व्यतीत हो जाए तो सुख की उजली सुबह आ जाए तो दुख के साथी पर अच्छा वक्त परवान कर देना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में भक्तों ने दरबार में माथा टेककर अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।


