एसआई भर्ती: 2016 में कुछ अभ्यर्थियों की शारीरिक मापदंड में अनियमितता को चुनौती देने के मामले में हाईकोर्ट में पक्षकारों की बहस शुक्रवार को पूरी हो गई। अदालत ने पक्षकारों की बहस के बाद मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस अशोक कुमार जैन ने यह निर्देश शारीरिक दक्षता मानकों को पूरा करने वाले अभ्यर्थियों की याचिका पर दिया। अदालती आदेश के पालन में तत्कालीन एडीजीपी (पदोन्नति व भर्ती बोर्ड) सचिन मित्तल व मौजूदा एडीजीपी (पदोन्नति व भर्ती बोर्ड) बिपिन कुमार पांडेय पेश हुए। राज्य सरकार की ओर से एएजी भुवनेश शर्मा ने कहा कि प्रार्थी अभ्यर्थियों को भर्ती को चुनौती देने का अधिकार नहीं है। वे चयन प्रक्रिया में फेल हो गए थे। इसके अलावा याचिका एक साल की देरी से दायर की गई है। इसलिए याचिका को खारिज किया जाए। वहीं प्रार्थी पक्ष ने कहा कि भर्ती में उन अभ्यर्थियों का चयन कर लिया जिनकी हाइट तय मापदंड से कम थी। साथ ही इन अभ्यर्थियों की हाइट रिकार्ड में ज्यादा बताई गई। इसके चलते प्रार्थियों का भर्ती में चयन होने से रह गया। अदालत ने 14 मार्च 2024 के आदेश से भर्ती एजेंसी को प्रार्थियों व निजी पक्षकारों की हाइट व चेस्ट की माप रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था। इसके अलावा जिन अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे चुके हैं उनका नियुक्ति के समय किया गया हाइट व चेस्ट मेजरमेंट डिटेल्स भी पेश करें। लेकिन इस आदेश की पालना नहीं की गई है। इसलिए उन्हें पदों पर नियुक्ति दिलवाई जाए। अदालत ने पक्षकारों की बहस सुनने के बाद मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया।


