पटेल मैदान में 7वीं ऑल इंडिया मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप शुरू हुई। देश के 90 साल तक के एथलीट अपना जोश दिखाने जुटे हैं। 1700 से ज्यादा एथलीट अपने-अपने राज्य का प्रतिनिधित्व रंग-बिरंगे और नाम लिखे ट्रैक सूट पहने कर रहे हैं, ट्रैक के बाहर बैठे खिलाड़ी ठंड के मारे जूते और सिर से कैप भी नहीं उतार पा रहे, लेकिन इस आधुनिक परिवेश के खिलाड़ियों के बीच धोती, कुर्ता और साफा पहने नंगे पैर अनोखे अंदाज में भी एक व्यक्ति दिखा। हवा में कुर्ते की बांह लहराती दिखी तो पता चला एक हाथ भी नहीं है। एक बार में अंदाजा लगा गया कि यह खिलाड़ी नहीं हो सकता, लेकिन खिलाड़ी के लिए शायद उसका जुनून ही सबसे बड़ा हथियार है जो उसे मैदान में जीत दिलाने के लिए काफी होता है। बात करने पर पता चला कि वो 83 साल के हरियाणा के झज्जर जिले के तेज सिंह हैं जो अब तक 8 देशों में खेलकर नेशनल और स्टेट चैंपियनशिप में 80 से ज्यादा मेडल जीत चुके हैं। परिवार में खेल से किसी का जुड़ाव नहीं रहा। खुद भी खेतों में हल जोतने वाले किसान रहे। किसान से एथलीट बनने की कहानी भी रोचक है जिसकी शुरुआत बचपन या जवानी में नहीं बल्कि 59 साल की उम्र में हुई। मशीन में हाथ कट गया, जिंदगी यहीं से बदली खेतों में काम करते समय तेज सिंह का दायां हाथ थ्रेशर में आने की वजह से कट गया था। 59 साल की उम्र में बतौर किसान सीधा हाथ कटा तो जिंदगी मुश्किल होने लगी, लेकिन यही पल इनके जीवन में बदलाव की वजह भी बना। हादसे के 6 महीने बाद हरियाणा में हुई पंचायती प्रतियोगिता में एक धावक नहीं आया। दर्शक के रूप में गए तेज सिंह को लोगों ने पकड़कर मजाकिया अंदाज में ट्रैक के बीच लाकर खड़ा कर दिया, लेकिन तेज सिंह ने शर्मिंदा होने के बजाए उन्हें जवाब देने के लिए वो दौड़ पूरी की और अन्य पांच प्रतिभागियों को हराकर पहला स्थान हासिल किया। हरियाणा की शान है धोती-साफा : 100 मीटर इवेंट में ट्रैक पर उतरने वाले हरियाणा के तेज सिंह पिछले 24 साल से धोती-साफा पहनकर नंगे पैर दौड़ रहे हैं। उनका कहना है कि दौड़ूंगा तो इसी में, वरना नहीं। बैंगलुरु की चैंपियनशिप में गर्म ट्रैक से पैर जलने के बावजूद उनकी जिद नहीं टूटी। आज भी वे उसी अंदाज में ट्रैक पर उतरते हैं।


