सिवनी जिले के कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों को स्मार्ट खेती का गुरुवार को प्रशिक्षण दिया गया। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर की ओर से आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में फसल विविधीकरण पर विशेष जोर दिया गया। विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. वीबी उपाध्याय ने मुख्य अतिथि के रूप में किसानों को कहा कि अंतर फसलें, रिले क्रॉपिंग और फूलों की खेती से किसान अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। विशेषज्ञों ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी दी कि एक ही फसल की लगातार बुवाई से न केवल कीट व्याधियां बढ़ती हैं, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी कम होती जाती है। जबलपुर से पधारीं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नम्रता जैन ने मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार और फसलों के वैल्यू एडिशन पर जानकारी साझा की। कार्यक्रम में शामिल 40 किसान अगले चार वर्षों तक इस परियोजना के अंतर्गत नवीन कृषि तकनीकों का प्रयोग करेंगे। जिससे पूरे सिवनी जिले के किसानों को लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के समापन पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक निखिल सिंह ने किसानों को चने की उन्नत किस्म जेजी 24 की जानकारी दी। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को आधुनिक खेती की बेहतर कार्य योजना बनाने में सहायक सिद्ध होगा। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि एक ही फसल के निरंतर उत्पादन से न केवल लागत बढ़ती है, बल्कि खेतों में प्रदूषण की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम मे डाक्टर निखिल कुमार सिंह, डॉक्टर केके देशमुख ने किया। डाक्टर एनके सिंह, इंजीनियर कुमार सोनी, प्रिया चौकसे, आभा श्रीवास्तव, शुभम झारिया, देवी प्रसाद तिवारी, हिमांशु कुमारे, जयंशकर गौतम,कृषि विज्ञान केंद्र के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की मौजूदगी रही।


