राजकीय शिशु गृह में रहने वाले बच्चे को दत्तक ग्रहण में दिए जाने के लिए दत्तक ग्रहण समिति की बैठक आयोजन किया गया। जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग जालोर के सहायक निदेशक राजीव कुमार सुथार ने बताया कि बालक को दत्तक ग्रहण लेने के लिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा चयनित दंपत्ति बैठक के लिए उपस्थित हुए। दत्तक ग्रहण समिति सदस्य द्वारा दस्तावेजों की जांच की गई। दस्तावेजों के आधार पर दंपत्ति बालक के दत्तक ग्रहण के लिए उपयुक्त पाए गए। दत्तक ग्रहण समिति ने सर्व सहमति से बालक को उक्त दंपत्ति को दत्तक ग्रहण में दिए जाने का निर्णय लिया। दंपति को जिला मजिस्ट्रेट डॉ. प्रदीप के. गावंडे के समक्ष प्रस्तुत किया गया उन्होंने दंपति से संवाद कर दंपति के व्यवसाय और मूल निवास के बारे में जानकारी ली तथा बालक की अच्छी परवरिश के निर्देश दिए। इस दौरान राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी की अधीक्षक मोर कवंर सहित कर्मचारी उपस्थित रहे। बाल अधिकारिता विभाग ने की अपील बाल अधिकारिता विभाग ने अपील की है कि अनचाहे नवजात बच्चों को असुरक्षित स्थान पर परित्याग ना करके शिशु गृह तथा जिला अस्पताल परिसर में लगे पालना गृह पर त्याग करें। ऐसा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।


