जोधपुर में खाना खाते-खाते अचानक किसान की तबीयत खराब हो गई। हॉस्पिटल में करीब एक सप्ताह इलाज के दौरान उनका ब्रेन डेड हो गया। इसके बार परिवार की सहमति से उनकी दोनों किडनी और लीवर डोनेट कर दिया गया। एक किडनी और एक लिवर को एम्स हॉस्पिटल में डोनेट किया गया। एक किडनी को जयपुर SMS हॉस्पिटल भेजा गया। एम्स में डोनेट किडनी को यहां भर्ती एक मरीज को लगाई गई। सिर की नस हो गई थी ब्लॉक किसान अने सिंह (58) पाली जिले जोजावर के गोलकी खोखरा गांव के रहने वाले थे। ये गांव जोधपुर से करीब 130 किमी दूरी पर है। उनके बेटे पूरण सिंह ने बताया-19 जनवरी दोपहर एक बजे के करीब पिता घर पर खाना खा रहे थे। खाना खाते-खाते अचानक उनके सिर की नस ब्लॉक हो गई और वो बेहोश हो गए। उन्हें जोजावर के सरकारी हॉस्पिटल लेकर आए। यहां से डॉक्टरों ने पाली के बांगड़ हॉस्पिटल रेफर कर दिया। जांच के दौरान डॉक्टरों ने उनकी सीटी स्कैन की। हालत गंभीर होने पर जोधपुर रैफर कर दिया। 19 जनवरी की ही शाम को ही एम्स हॉस्पिटल लेकर आए। बेटा बोला- पिता के कारण किसी और की जिंदगी रोशन होगी परिवार ने आपसी विचार-विमर्श कर 30 जनवरी को ऑर्गन डोनेट करने को लेकर सहमति दी। आज सुबह उनके ऑर्गन डोनेट किए गए। इसके बाद दोपहर 11 बजे उनको बॉडी को एंबुलेंस के जरिए गांव के लिए रवाना किया गया। बेटे पूरण ने कहा कि पिता भले ही जिंदा नहीं है लेकिन इससे किसी और की जिंदगी रोशन हो सकेगी। किसान के परिवार में पत्नी पताशी देवी (53) सहित तीन बेटे और एक बेटी हैं। जिनमें से बेटी इंद्रा (29), बेटा रतन सिंह (25), पूरण सिंह (21) और प्रवीण सिंह (15) है। वेंटिलेटर के जरिए ऑक्सीजन शरीर के अंगों तक पहुंचाया जाता डॉक्टर सादिक ने बताया कि ब्रेन शरीर के सभी अंगों को कंट्रोल करता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण सांस लेने वाला फंक्शन है। सांस लेने वाला फंक्शन यदि चला जाता है तो आर्टिफिशियल तरीके से बॉडी को बाहर के अंगों के जरिए ऑक्सीजन पहुंचाई जाती है। वेंटिलेटर के जरिए ऑक्सीजन शरीर के अंगों को आर्टिफिशियल तरीके से पहुंचाया जाता है। इससे अंगों को कुछ समय तक के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है, ताकि उसे दूसरों के शरीर में ट्रांसप्लांट किया जा सकें।


