भास्कर न्यूज |लुधियाना पंजाब का साइकिल उद्योग मंदी से जूझ रहा है, लेकिन बिजली विभाग की मनमानी ने इसे और गहरे संकट में धकेल दिया है। यूनाइटेड साइकिल पार्ट्स एसोसिएशन के प्रधान हरसिमरजीत सिंह लक्की ने उद्योग मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद से मुलाकात कर उद्योग से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की और पीएसपीसीएल (पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) की गलत नीतियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने की मांग की। लक्की ने कहा कि साइकिल उद्योग पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, लेकिन सरकार और प्रशासन इस अहम सेक्टर को बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे। उन्होंने पीएसपीसीएल के अफसरों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगपतियों को जबरन परेशान कर रहे हैं। लक्की ने खुलासा किया कि जिन उद्योगपतियों ने स्मार्ट मीटर लगाने के लिए आवेदन किया था, उनके यहां अब तक मीटर नहीं लगाए गए। इसके उलट, जिन्होंने अभी आवेदन नहीं किया, उन पर 30 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा रहा है। उन्होंने इसे उद्योग विरोधी नीति बताते हुए कहा कि जब कारोबार मंदी से गुजर रहा हो, तब इस तरह की मनमानी फैसले साइकिल इंडस्ट्री को पूरी तरह खत्म कर सकते हैं। इस मौके पर उद्योगपति राजिंदर सिंह सरहाली ने भी पीएसपीसीएल पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के अफसर बेवजह उद्योगों को परेशान कर रहे हैं, जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर ऐसे अधिकारियों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो पंजाब में औद्योगिक माहौल और खराब हो जाएगा। बैठक में उद्योग मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने लक्की और अन्य उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही पीएसपीसीएल के चीफ से बातचीत करेंगे और इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। मंत्री ने कहा कि उद्योग को जबरन तंग करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। सरकार इस समस्या को प्राथमिकता से हल करेगी और व्यापारियों को राहत देने के लिए उचित कदम उठाएगी। इस बैठक के बाद साइकिल उद्योग से जुड़े कारोबारियों में उम्मीद जगी है कि सरकार इस संकट को हल करने के लिए ठोस कदम उठाएगी। कारोबारियों को उम्मीद है कि बिजली विभाग की मनमानी पर रोक लगेगी और साइकिल इंडस्ट्री को राहत मिलेगी। इसके साथ ही, नई औद्योगिक नीतियों के जरिए सरकार इस क्षेत्र में निवेश और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।


