भास्कर न्यूज | अमृतसर डीसी साक्षी साहनी की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (चरण-2) के तहत जल आपूर्ति योजनाओं को लेकर अफसरों संग मीटिंग हुई। जलापूर्ति योजनाओं के लिए करीब 35 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी दी। उन्होंने ओडीएफ प्लस मॉडल के लक्ष्य को 31 मार्च 2025 तक पूरा करने और बंद पड़े 60 सामुदायिक जल शोधन संयंत्रों को चलाने के लिए राशि की व्यवस्था 15वें वित्त आयोग से करने को कहा। साथ ही चल रही परियोजनाओं की रोजाना निगरानी के निर्देश दिए। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बीडीपीओ विकास कार्यों की डेली रिपोर्ट देंगे। स्वच्छ भारत मिशन की गतिविधियों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए स्वयं सहायता समूहों, स्वयंसेवकों, गैर सरकारी संगठनों आदि की मदद ली जानी चाहिए। कार्यकारी अभियंता जल आपूर्ति नितिन कालिया ने कहा कि चरण-2 के तहत 123 व्यक्तिगत शौचालयों के लिए वार्षिक कार्यान्वयन योजना 2025-26 में 18.45 लाख रुपए, 17 सामान्य शौचालयों के लिए 51 लाख रुपए, तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए स्वच्छ भारत मिशन, 15वें वित्त आयोग व मनरेगा के तहत 3429.28 लाख रुपए और 6 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं के लिए 96 लाख रुपए लिए गए हैं। इस मौके पर एडीसी परमजीत कौर, डीडीपीओ संदीप मल्होत्रा, बीडीपीओ मलकीत सिंह आदि मौजूद थे ।


