भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड(पीएसईबी) द्वारा नकल के केस के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। नकल का केस पकड़े जाने पर संबंधित स्टूडेंट के खिलाफ यूएमसी(अनफेयर मींस केस) के तहत केस बनेगा। तहत अब यूएमसी केस पकड़े जाने पर एग्जाम खत्म होते ही उसका पैकेट बनाकर कलेक्शन सेंटर या डिपो में तुरंत जमा करवाना होगा। वहीं, यूएमसी केस पकड़े जाने वाले स्टूडेंट की वीडियो भी रिकॉर्ड की जाएगी। वीडियो में स्टूडेंट से मिली पर्ची और उसकी आंसर शीट की वीडियो भी रिकॉर्ड होगी। गर्ल स्टूडेंट की तलाशी सिर्फ महिला अधिकारी ही कर सकेंगे। एग्जामिनेशन सेंटर में कोई पर्ची पकड़ी जाती है तो स्टूडेंट के खिलाफ केस बनाने के अलावा सेंटर में मौजूद निगरान स्टाफ के खिलाफ भी अनुशासनीय कार्रवाई की जाएगी। अगर एक सेंटर में पांच से ज्यादा नकल के केस बनते हैं तो सेंटर सुप्रींटेडेंट और अन्य स्टाफ के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मान्यता प्राप्त स्कूल होने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की जाएगी। इसके लिए अगर फ्लाइंग स्क्वॉयड की तरफ से केस पकड़ा जाता है तो सेंटर सुप्रींटेंडेट को दी रिपोर्ट की रसीद भी ली जाएगी। इससे बाद में अगर दोनों रिपोर्ट्स अलग पाई जाती हैं तो उसकी जांच हो सके। साथ ही इस बार सेंटर सुपरिंटेंडेंट, अधिकारियों को फॉर्म भरकर भेजने के लिए कहा गया है। इस फॉर्म का कोई भी कॉलम खाली नहीं छोड़ना होगा। हालांकि बोर्ड की तरफ से इस बार वीडियो बनाने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने इस बार यूएमसी केसों को किसी भी सूरत में ढीले रवैये से ना हल करने के लिए कहा है। अगर किसी स्टूडेंट की जगह कोई अन्य स्टूडेंट परीक्षा देते हुए पकड़ा जाता है तो इसकी जानकारी नजदीकी थाने में दर्ज करवाई जाएगी और एफआईआर की कॉपी भी हेड ऑफिस में भेजी जाएगी।


