राज्य सरकार द्वारा आयोजित ‘ग्राम उत्थान शिविर’ लघु किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। बूंदी जिले के केशोरायपाटन निवासी लघु कृषक उमाशंकर को ऐसे ही एक शिविर में ब्याज मुक्त लोन स्वीकृत किया गया है। उमाशंकर अपनी चार बीघा जमीन पर खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित जमीन और संसाधनों के अभाव के कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी। वे खेती में नए प्रयोग करना चाहते थे, लेकिन पूंजी की कमी हमेशा बाधा बनती थी। ग्राम उत्थान शिविर की जानकारी मिलने पर उमाशंकर वहां पहुंचे। शिविर में उन्होंने श्री केशव ग्राम सह समिति के स्टॉल पर किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन के लिए आवेदन किया। समिति के अधिकारियों ने उमाशंकर का आवेदन तुरंत स्वीकार किया। मौके पर ही सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी की गईं और उनके लिए अल्पकालीन लोन स्वीकृत कर दिया गया। शिविर की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही से उमाशंकर को तत्काल लाभ मिला। ब्याज मुक्त लोन मिलने से उत्साहित उमाशंकर ने कहा कि इस शिविर ने उनकी राह आसान कर दी है। अब वह इस राशि का उपयोग खेती में नवाचार करने और आधुनिक तरीकों से फसल उगाकर अपनी आय बढ़ाने में कर सकेंगे। उमाशंकर ने इस त्वरित सहायता और पारदर्शी व्यवस्था के लिए राज्य सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। निश्चित रूप से ये शिविर उमाशंकर जैसे हजारों किसानों के लिए खुशहाली का नया द्वार खोल रहे हैं।


