केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान बोले- नेताओं का सम्मान फालतू खर्च:कहा- शाल, माला, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह… ये सब फालतू, सीधे काम की बात करो; संसद के इसी सत्र में आएंगे सीड और पेस्टिसाइड एक्ट

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुर्ग में आयोजित किसान मेला समारोह में नेताओं के सम्मान की परंपरा पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि नेताओं का सम्मान करना फालतू की प्रक्रिया है और इसमें समय व पैसा दोनों बर्बाद होते हैं। मंच से उन्होंने साफ कहा- काहे को टाइम वेस्ट करते हो भैया। शाल, माला, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह… ये सब फालतू खर्चा है। सीधे आओ और काम की बात करो। खेतों में जो सम्मान मिलता है, वही सबसे बड़ा सम्मान है। शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संघ द्वारा दुर्ग जिले कुम्हारी में आयोजित दो दिवसीय किसान मेले के समापन समारोह में शामिल हुए थे। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश के किसानों को उन्नत कृषि तकनीक से जोड़ना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना था। संसद के इसी सत्र में आएंगे दो बड़े कृषि कानून
केंद्रीय मंत्री ने किसानों को राहत देने वाले दो नए कानून लाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सीड एक्ट और पेस्टिसाइड एक्ट संसद के इसी सत्र में लाने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा जो किसानों को खराब बीज देगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। पहले सीड एक्ट लाया जाएगा। जानबूझकर खराब बीज बेचने वालों पर भारी जुर्माना लगेगा और सजा का प्रावधान भी होगा। जरूरत पड़ी तो जेल भी जाना पड़ेगा। पेस्टिसाइड को लेकर भी उन्होंने सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि खाद के साथ कोई दवा पकड़ाकर किसानों से दादागीरी नहीं चलेगी। भारत सरकार ने तय किया है कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों से सीधा संवाद, सुझावों पर होगा विचार
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार देशभर के किसानों से संवाद करेगी। किसानों को दिल्ली बुलाकर उनके सुझाव लिए जाएंगे और जरूरत पड़ी तो उन पर चर्चा भी की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये दोनों कानून अभी प्रक्रिया में हैं, लेकिन सरकार की मंशा साफ है किसानों को हर हाल में सुरक्षित और मजबूत करना। ई-रिक्शा से 108 स्टॉल्स का निरीक्षण
कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने ई-रिक्शा में बैठकर किसान मेले में लगाए गए 108 स्टॉल्स का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। छत्तीसगढ़ के किसान मेहनती, खेती बनेगी और लाभकारी
किसानों से संवाद करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान मेहनती हैं और उन्नत कृषि तकनीक से जुड़कर वे अपनी खेती को और अधिक लाभकारी बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की सब्जियां और फल अब दूसरे राज्यों तक पहुंच रहे हैं, जो प्रदेश के किसानों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि मैं खुद भी किसान हूं और आज भी खेती करता हूं। प्रगतिशील किसान संघ ने खेती की दिशा बदल दी है। चावल उत्पादन में भारत अब नंबर-1 है और चीन पीछे रह गया है। धान के साथ वैकल्पिक फसलों पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और धान यहां की पहचान है, लेकिन किसानों की आय बढ़ाने के लिए फल, फूल और सब्जियों जैसी वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़ना जरूरी है। उन्होंने खपरी और गिरहोला के किसानों की पहल की सराहना की। इधर… महासमुंद के किसान ने कहा- मेरे गांव के ही 50 किसान का नहीं कटा टोकन
केंद्रीय मंत्री के भाषण के दौरान ही भीड़ में से एक किसान लगातार धान खरीदने की गुहार लगा रहा था। इस दौरान उसने बताया कि उसका नाम अलख राम है। वो महासमुंद जिले के तिरकोनी का रहने वाला हूं। अब तक मेरा टोकन नहीं कटा है। मेरे गांव के 50 किसान हैं, उनका अब तक टोकन तक नहीं कटा है। हमारे महासमुंद जिले में कई किसानों का अब तक टोकन भी नहीं कटा है।

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